गौरीगंज (अमेठी)। कोविड की संभावित तीसरी लहर से शिक्षकों/कर्मचारियों को बचाया जा सके इसके लिए शासन ने टीकाकरण अनिवार्य कर दिया है। शासन की ओर से जारी निर्देश मिलने के बाद डीआईओएस व बीएसए ने आदेश जारी कर टीकाकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने को कहा है। टीकाकरण नहीं कराने पर वेतन रोकने समेत अन्य कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास कुल शिक्षक/कर्मचारियों की संख्या 3,148 हैै। बेसिक शिक्षा विभाग के पास 9,718 शिक्षक/कर्मचारी हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में शिक्षक के साथ शिक्षामित्र व चतुर्थ श्रेणी कर्मी तथा रसोइया भी शामिल हैं।
शासन का मानना है कि प्रदेश के सभी जिलों में तैनात अधिकांश शिक्षक/कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने कोविड टीका नहीं लगवाया। बृहस्पतिवार को शासन की ओर से एक निर्देश जारी कर डीआईओएस व बीएसए से कहा गया था कि पहले सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को टीकाकरण के लिए निर्देशित करें।
नहीं कराने पर सभी के खिलाफ कार्रवाई कर शासन को अवगत कराएं। शासन का निर्देश मिलते ही डीआईओएस जय करन लाल वर्मा व बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने आदेश जारी कर तत्काल टीकाकरण कराकर प्रमाण पत्र देने को कहा है।
टीका न लगवाने पर रोका जाएगा वेतन
बीएसए ने बताया कि विभाग में कार्यरत 9,718 शिक्षकों व कर्मचारियों में 8,081 टीके की पहली या फिर दोनों डोज लगवा चुके हैं। डीआईओएस ने बताया कि उनके विभाग के शत प्रतिशत शिक्षक कर्मचारी टीके की पहली व 50 प्रतिशत दोनों डोज लगवा चुके हैं। दोनों अफसरों ने कहा कि जो शिक्षक कर्मचारी इस माह के अंत तक टीकाकरण नहीं कराएंगे उनका वेतन रोक दिया जाएगा।