अमेठी सिटी। उमस और तेज गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। शहर से लेकर गांव तक फॉल्ट, ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। ऊर्जा निगम का आपूर्ति रोस्टर सिर्फ कागजों में चल रहा है। हकीकत यह है कि मुख्यालय पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालय पर 22 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली देने का दावा जमीनी स्तर पर सफल नहीं हो पा रहा।
कई क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर जलने और केबल फुंकने के चलते बार-बार आपूर्ति बाधित हो रही है। गर्मी और उमस में पंखे और कूलर नहीं चल पा रहे, वहीं रात में बिजली की आंखमिचौली से लोगों की नींद टूट रही है। पेयजल संकट भी बढ़ता जा रहा है क्योंकि मोटर नहीं चल पा रहीं। मुख्यालय के कई मोहल्लों में हर घंटे पांच से दस मिनट की ट्रिपिंग आम बात हो गई है। ग्रामीण इलाकों में कहीं छह घंटे तो कहीं दस-बारह घंटे ही बिजली मिल रही है।
कुछ जगहों पर तो एक घंटे में तीन बार आपूर्ति काटी जा रही है। लो वोल्टेज के कारण एसी, फ्रिज और अन्य उपकरण ठप हैं। बाजार, क्लीनिक और छोटे उद्योगों पर भी इसका असर देखा जा रहा है। सबसे अधिक परेशानी किसानों को हो रही है। बिजली न मिलने से सिंचाई कार्य रुका हुआ है और धान की रोपाई प्रभावित हो रही है।
अधीक्षण अभियंता धर्मवीर ने कहा कि तकनीकी खराबी या फॉल्ट की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा जाता है। मरम्मत कर आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाती है। रोस्टर के अनुसार आपूर्ति दी जा रही है। फिर भी यदि कहीं कोई समस्या बनी है तो उसे जांचकर तत्काल दुरुस्त करवाया जाएगा।