सरकारी नौकरी में फैले भ्रष्टाचार तथा पेट्रोलियम पदार्थों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के खिलाफ कांग्रेसियों ने उपवास रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने तथा दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाया।
कार्यकर्ताओं ने पोल खोल अभियान के तहत लोगों को सरकार की जनविरोधी नीति की जानकारी देते हुए पेट्रोलियम पदार्थ के बढ़े मूल्य वापस लेने तथा भ्रष्टाचार की न्यायिक जांच कराने की मांग की। केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार बढ़ रहे डीजल व पेट्रोल की कीमतों तथा 69 हजार शिक्षक भर्ती व पशुपालन विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती में हुई अनियमितता से खफा कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर पोल खोल अभियान में जुटे हैं।
अभियान के तहत गुरुवार को शहर स्थित केंद्रीय कार्यालय गेट के साथ ही अमेठी शहर स्थित कार्यालय व संग्रामपुर ब्लॉक कार्यालय के साथ ही सभी ब्लॉक कार्यालयों पर कार्यकर्ताओं ने उपवास रखकर विरोध प्रदर्शन किया।इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए बढ़ती बेरोजगारी व नौकरी में भ्रष्टाचार के साथ प्रतिदिन बढ़ रही पेट्रोलियम पदार्थ की कीमत को सरकार की नीतियों का परिणाम बताया।
उपवास के बाद कार्यकर्ताओं ने बढ़े डीजल व पेट्रोल की कीमत को वापस लेने, भर्ती घोटालों में लिप्त विभाग के मंत्रियों को बर्खास्त करने, भर्ती घोटालों में लिप्त मंत्रियों के प्रतिनिधियों को गिरफ्तार कराने, पूरे प्रकरण की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने तथा प्रदेश में हुए अन्य घोटालों जैसे पीडीएस व जूता-मोजा वितरण की न्यायिक जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों से बेरोजगारों को हो रही परेशानी को दूर करने के लिए आवश्यक कानून पारित कर बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।