अमेठी। वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राज मार्ग पर स्थित जगदीशपुर में सड़क किनारे व शुकुलु बाजार के मवैया रहमतगढ़ में मृत पड़े गोवंशों की सूचना पर गुरुवार को हिन्दू युवा वाहिनी कार्यकर्ता भड़क गए। कार्यकर्ताओं ने लोशनपुर स्थित गो-आश्रय केंद्र का निरीक्षण कर सीएम को ज्ञापन भेजकर आश्रय केंद्र पर सुविधाओं की कमी व लापरवाही से गोवंशों की मौत का आरोप लगाते हुए जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जगदीशपुर के लोशनपुर गांव के समीप गुरुवार सुबह छह गोवंश तो बाजार शुकुल के मवैया रहमतगढ़ में दो गोवंश मृत पड़े होने की सूचना सार्वजनिक हुई।
सूचना के बाद हिन्दु युवा वाहिनी जिलाध्यक्ष रजनीश सिंह को लोगों के बताया कि मृत गोवंश अस्थाई आश्रय केंद्र पर संरक्षित थे। आश्रय केंद्र पर संरक्षित गोवंशों के मौत की जानकारी होने पर जिलाध्यक्ष लोशनपुर गांव पहुंच गए और आश्रय केंद्र का निरीक्षण कर अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज दिया।
ज्ञापन में कहा है कि जगदीशपुर में सड़क किनारे छह तो मवैया रहमतगढ़ में दो गाय गोशाला के बाहर मरी मिलीं। आरोप लगाया है कि अधिकारियों के बंदर बांट से गोशाला में समय-समय पर इलाज व चारा नहीं मिलने के कारण जानवर मर जाते हैं फिर उनको रोड किनारे फेंक दिया जाता है। अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से कठोर कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलते प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
डीएम अरुण कुमार ने बताया कि जगदीशपुर गो आश्रय केंद्र पर संरक्षित सभी 75 गोवंश पूरी तरह से स्वस्थ हैं। मृत पड़े गोवंशों को दफनाने तथा पूरे प्रकरण की जांच एसडीएम मुसाफिरखाना रामशंकर तथा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेशचंद्र पाठक को सौंपते हुए मौके पर भेजा गया है। कहा कि जांच रिपोर्ट में लापरवाही उजागर होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।