गौरीगंज (अमेठी)। पर्यावरण संतुलन कायम रखने के लिए वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के तहत वन विभाग जिले में तरू वाटिका तैयार कराने की कोशिश में जुटा है। विभाग ने इसके लिए विशुनदासपुर स्थित निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट परिसर के समीप तालाब की भूमि चिन्हित करते हुए 51 प्रजाति के 1100 पौधे रोपित कराने का निर्णय लिया है। पौधरोपण के बाद सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड लगाते हुए वन रक्षकों की तैनाती कर परिसर को हरा-भरा करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत जिले में इस वर्ष 37 लाख पौधे रोपित करने की तैयारी में जुटे प्रभागीय वनाधिकारी ने जिले में पाए जाने वाले सभी प्रकार के वृक्षों को तैयार कर तरु वाटिका तैयार कराने की योजना बनाई है। कवायद सफल हो सके इसके लिए विशुनदासपुर स्थित निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट परिसर को चिन्हित किया गया है।
परिसर में स्थित तालाब के चारों तरफ 51 प्रजाति के 1100 पौधे रोपित करने के लिए गड्ढ़ा तैयार कराने के बाद मृदा परीक्षण समेत अन्य तैयारी पूरी की जा चुकी है। बुधवार को वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरूआत करने के बाद वन विभाग चिन्हित भूमि पर पौधे रोपित करने की तैयारी में जुट गया है।
चिन्हित भूमि पर पौधरोपण कराने के बाद वन विभाग रोपित पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड बनवाते हुए पौधों की देखरेख के लिए वनरक्षकों की तैनाती करेगा। प्रभागीय वनाधिकारी यूपी सिंह ने बताया कि पौधरोपण के बाद तालाब को सौंदर्यीकृत कर पार्क के रूप में विकसित कर लोगों को प्राकृतिक वातावरण की अनुभूति की व्यवस्था बनाई जाएगी।
इन प्रजाति के पौधों का होगा रोपण
प्रभागीय वनाधिकारी यूपी सिंह ने बताया कि निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित होने वाली तरु वाटिका में यूकेलिप्टस, सागौन, कट सागौन, अर्जुन, अमलतास, अनार, बाटलब्रश, कदंब, बालमखीरा, अशोक, सिरस, तबोविया, अकेसिया आरिकुलीफर्मिस, पीपल, बरगद, पाकड़, बेर, आम, अमरुद, नीम, नीबू, खैर, सिंदूर, सहजन, गोल्डमोहर, जामुन, जंगल जलेबी, गुलचीन, केसिया स्यामिया, टिकोमा, सुबबूल/जकरंडा, बेल, शरीफा, कटहल, बड़हल, कट जामुन, महुआ, पेल्टोफार्म, कनकचंपा, कचनार, चकरेसिया, महोगनी, ऑवला, मौलश्री, इमली, कैथा, रेंजमिना, ढाक, चिलबिल, कंजी व बकैन प्रजाति के पौधे रोपित होंगे।