गौरीगंज (अमेठी)। बदले मौसम का सितम बुधवार को भी जारी रहा। पूरे दिन आसमान में छाए बादल व फुहार के बीच लगातार चल रही बर्फीली हवाओं ने लोगों को हिला दिया। एक तरफ जहां ठंड शबाब पर रही, वहीं जिला व तहसील प्रशासन की ओर से ठंड से बचाव के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
बीते दिन मंगलवार को रिमझिम बारिश के बाद शुरू हुई ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को जहां दिन भर बादल छाए रहे, वहीं लगातार पानी की फुहार के साथ बर्फीली हवा भी चलती रही। इसकी वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बर्फीली हवाओं के साथ चल रही तेज पछुआ हवा से उपजी गलन हाड़ कंपाती रही। आसमान में छाया कोहरा भी बढ़ता जा रहा है। ठंड से बचाव के लिए लोगों द्वारा किए गए इंतजाम को सर्दी धता बता रही है।
कंबल की तो बात दूर, भारी भरकम रजाई ओढ़कर बंद कमरे में लेटने वालों को भी ठंड का कहर झेलना पड़ रहा है। तेज बर्फीली हवाओं के आगे वह भी फीकी पड़ रही थी। हालात यह है कि बच्चे, युवा और बूढ़ों के साथ पशु पक्षी भी ठंड के आगे अपने को कमजोर महसूस कर रहे हैं। जिला मुख्यालय व कस्बों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग अलाव खोजते रहे।
लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड ने जिला प्रशासन की ओर से किए गए बचाव के इंतजामों की भी पोल खोल दी। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव खोजते नजर आए। कोहरे व धुंध के साथ बर्फीली हवाओं के बीच हांड़ कंपाने वाली ठंड से हर कोई सहम गया, लेकिन जिला प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। जिला प्रशासन सिर्फ कागजों पर जिले के असहाय, निराश्रित, यात्रियों व आमजनों की ठंड दूर कर रहा है। पूरे जिले में गिनती के सार्वजनिक स्थलों को छोड़ किसी भी कस्बे में अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं कराई गई है।