जिला अस्पताल की ओपीडी में बच्चे का परीक्षण करते बालरोग विशेषज्ञ। -संवाद
अमेठी सिटी। डेंगू भी नहीं है, फिर भी बच्चों की प्लेटलेट्स घट रही है। इसको लेकर परेशान अभिभावक अपने बच्चों संग अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लग रही है। वहीं, सामान्य दिनों की अपेक्षा पैथोलॉजी में 150 से अधिक जांच हो रही है।
बारिश के बीच उमस से हर कोई परेशान है। बदलता मौसम बच्चाें से लेकर बुजुर्गों की सेहत बिगाड़ रहा है। वायरल बुखार, सर्दी, जुकाम, खांसी के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इन मरीजों की खून की जांच में कम प्लेटलेट्स की शिकायतें आ रही हैं। बृहस्पतिवार को ओपीडी से लेकर दवा काउंटर तक भीड़ लगी रही। ओपीडी में 1229 मरीज इलाज कराने पहुंचे, करीब 500 पुराने मरीज शामिल रहे।
इसमें 60 प्रतिशत वायरल बुखार वाले रहे। तीन बाद बुखार न छोड़ने वाले मरीजों को डेंगू लक्षण की आशंका से चिकित्सक ने खून की जांच की सलाह दी। अस्पताल की पैथोलॉजी में रोज 314 से ज्यादा मरीजों की खून की जांच हो रही है। वहीं, 10 से 20 डेंगू के लिए एलाइजा की जांच हो रही है, लेकिन उसमें पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आ रही है।
फिजिशियन डाॅ. शुभम पांडेय ने बताया कि वायरल बुखार की चपेट में आने वाले मरीजों में प्लेटलेट्स गिरने के ज्यादा मामले आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. लईक उज जमा ने बताया कि बच्चों की प्लेटलेट्स एक लाख से नीचे भी पहुंच रही है। टाइफाइड पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। हालांकि लक्षण डेंगू जैसे हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है। मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बताया कि मौसम बदलने से बच्चों में वायरल बुखार व उल्टी-दस्त की शिकायत आम हो गई हैं। खानपान में संयम बरत कर इस बीमारी से बचा जा सकता है। सफाई पर विशेष ध्यान दें। लापरवाही घातक हो सकती है।