बाजारशुकुल के ब्यौरेमऊ गांव में काल कलौती खेलते बच्चे। स्रोत- संवाद
बाजारशुकुल (अमेठी)। बारिश न होने से चिंतित बुजुर्गों ने बच्चों के जरिये प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित किया। व्यौरेमऊ गांव में अच्छी बारिश होने के लिए बच्चों ने काल कलौती का खेल खेला। गांव के सभी मकानों के सामने बच्चे सूखी जमीन पर लोटे और घर की महिलाओं व बुजुर्गों उन पर पानी फेंका। ऐसी मान्यता है कि इससे इंद्रदेव प्रसन्न होकर अच्छी बारिश करते हैं।
बारिश न होने से किसानों के खेत सूख गए हैं। पहले से रोपी गई धान की फसल सूख रही है और दूसरी तरफ तैयार धान की बेढ़न की रोपाई पानी के अभाव में नहीं हो पा रही है। इसे लेकर किसान परेशान हैं। अच्छी बारिश के लिए गांव के सभी बच्चे एक निश्चित स्थान पर एकत्र हुए और एक-एक कर सभी मकान के सामने जमीन पर लोट कर इंद्रदेव से अच्छी बारिश की कामना की। मिट्टी और कीचड़ से सराबोर बच्चों गांव में घूम-घूमकर गीत गाए और बारिश होने की प्रार्थना की।
बुजुर्ग बृजनाथ तिवारी के अनुसार यह परंपरा सदियों पुरानी है। बच्चों के इस खेल से इंद्रदेव प्रसन्न होकर अच्छी बारिश करते हैं। ग्रामीणों ने बच्चों के इस भाव को सराहा और सामूहिक रूप से वर्षा के लिए गांव के मनीष, राहुल, रोहित, अमित, पिंटू आदि ने ईश्वर से प्रार्थना की।