अमेठी सिटी। मौसम में हो रहे परिवर्तन से जिला अस्पताल में खांसी, जुकाम, उल्टी व वायरल बुखार और अन्य बीमारियों के मरीज बढ़े हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में जुकाम, खांसी और जकड़न से पीड़ित बच्चे ज्यादा पहुंच रहे हैं।
बृहस्पतिवार को बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के सामने मरीजों की भीड़ दिखी। यहां मिली शाहिना बानो ने बताया कि उनके पांच वर्षीय बेटे इमरान को कई दिनों से जुकाम के साथ लगातार खांसी आ रही है। निजी चिकित्सक से इलाज कराने पर भी आराम नहीं मिला। वह सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंच गई थीं, दोपहर 12 बजे नंबर आया।
सुमन ने बताया कि छह वर्षीय बेटी लाजो को बुखार के साथ खांसी आ रही है। चार घंटे बाद नंबर आया। चिकित्सक ने दवा देने संग सावधानी बरतने की सलाह दी है। रश्मि ने बताया कि छह माह के बेटे को जुकाम के साथ सांस लेने में दिक्कत हो रही है। चिकित्सक को दिखाया है। उन्होंने दवा लिखी है।
बाल रोग विशेषज्ञ लईक उज जमा ने बताया कि मौसम के बदलाव का प्रभाव सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गाें पर पड़ रहा हैं। बदलते मौसम में लोगों को स्वास्थ्य का अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए। जरा सी लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ जाती है। रात के समय ठंड और दिन में गर्मी होने से ज्यादातर बच्चे बीमार हो रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे इस समय बच्चों का अतिरिक्त ध्यान रखें।
ये बरतें सावधानी
बच्चों को भरपूर पोषण वाली सब्जियां और फलों का सेवन जरूर कराएं। पूरी नींद न लेने से सर्दी-जुकाम होने की समस्या अधिक हो सकती है। पांच से 13 साल के बच्चों को नौ से 11 घंटे की नींद लेनी चाहिए। बच्चे पूरी नींद लेंगे तो उनकी इम्युनिटी भी मजबूत बनेगी। ठंड से बचाने के लिए बच्चों को गर्म कपड़े जरूर पहनाएं। बच्चों को कुछ देर के लिए खेलने के लिए बाहर जरूर निकालें, जिससे उनका स्वास्थ्य बेहतर हो।