अमेठी सिटी। लगातार बढ़ रही ठंड की वजह से छोटे बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। कई दिनों से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे निमोनिया, वायरल फीवर, खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में चिकित्सक दवा देने संग सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
इस समय लगातार पारा लुढ़क रहा है। ऐसे में अभिभावक बच्चों की सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं। सुबह और देर शाम ठंड का असर काफी बढ़ जाता है। ठंड से बच्चों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अधिकतर बच्चों को तेज बुखार, खांसी-जुकाम और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। बुधवार को जिला अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में पहुंचीं सुषमा ने बताया कि बेटा आलोक तीन साल का है। पानी में बार-बार जाता है और गर्म कपड़े पहनने में आनाकानी करता है। इसी वजह से उसे दो दिन से जुकाम होने के साथ खांसी आ रही है। चिकित्सक को दिखाया है। दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी है।
नीलम ने बताया कि ठंड बढ़ने के कारण चार वर्षीय बेटे आशू को जुकाम के साथ बुखार भी हो गया है। चिकित्सक ने अच्छे से देखभाल करने के लिए कहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक उज जमा ने बताया कि ओपीडी में करीब 50 फीसदी से अधिक बच्चे जुकाम, खांसी व बुखार से पीड़ित आ रहे हैं।
बरतें ये सावधानी
बाल रोग विशेषज्ञ के मुताबिक मौसम के इस बदलाव में माता-पिता को बच्चों की विशेष देखभाल करने की जरूरत है। छोटे बच्चों को सुबह और शाम के समय ठंडी हवा से बचाएं। आवश्यक हो तो बाहर निकलते समय बच्चों को पूरी तरह ऊनी कपड़े पहनाएं। घर में हीटर या ब्लोअर इस्तेमाल करें, लेकिन कमरे को पूरी तरह बंद न करें, जिससे ताजी हवा का संचार बना रहे। गुनगुने पानी से स्नान कराएं और रात में बच्चों का सिर और पैर ढक कर सुलाएं। बच्चों में बीमारी के लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। समय पर सावधानी और उपचार से ही बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाया जा सकता है।