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Amethi News: नहाय-खाय के साथ छठ पर्व आज से

Sat, 25 Oct 2025 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी सिटी। भगवान सूर्य की उपासना का महापर्व छठ मनाने के लिए तैयारियां जोरों से चल रही हैं। घाटों की सफाई और साज-सज्जा का कार्य पूरा हो चुका है। व्रती महिलाएं अब पूजा सामग्री की तैयारी में जुटी हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व की शुरुआत शनिवार को नहाय-खाय से होगी, जबकि मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत का समापन होगा।
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गौरीगंज के लोदी बाबा घाट, कालिकन धाम स्थित सगरा तालाब, भट्ठा घाट और आसपास के अन्य स्थानों पर सफाई और सजावट का काम पूर्ण हो चुका है। प्रशासन ने भी सुरक्षा, प्रकाश और स्वच्छता की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। पहले दिन नहाय-खाय में व्रती महिलाएं स्नान कर शुद्ध भोजन बनाती हैं। कद्दू, चने की दाल और चावल का सेवन कर व्रत आरंभ किया जाता है।


घर के सभी सदस्य व्रती के भोजन करने के बाद ही खाना ग्रहण करते हैं। दूसरे दिन खरना में महिलाएं दिनभर उपवास रखती हैं और शाम को गन्ने के रस से बनी खीर, पिट्ठा और घी लगी रोटी का प्रसाद बनाकर ग्रहण करती हैं। तीसरे दिन संध्या अर्घ्य के अवसर पर बांस की टोकरी में सूप सजाया जाता है और व्रती महिलाएं डूबते सूर्य को जल व दूध का अर्घ्य देती हैं। चौथे दिन ऊषा अर्घ्य में उदीयमान सूर्य की आराधना कर व्रत का पारण किया जाता है। व्रत रखने वाली महिलाएं इस दौरान आम की लकड़ी के चूल्हे पर देसी घी और सेंधा नमक से शुद्ध भोजन बनाती हैं।
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गौरीगंज की वंदना त्रिपाठी ने बताया कि छठ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति और परिवार के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। कहा कि इस व्रत से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है। डॉ. अंतिमा मिश्र का कहना है कि यह व्रत साधना और संयम का प्रतीक है। परिवार की मंगलकामना के लिए वह व्रत करती हैं।
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चार दिन तक चलेगा पर्व
25 अक्तूबर नहाय-खाय
26 अक्तूबर खरना
27 अक्तूबर संध्या अर्घ्य
28 अक्तूबर ऊषा अर्घ्य और पारण।
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