अमेठी। गैर प्रांत से हर रोज बड़ी संख्या में गांव पहुंच रहे लोग होम क्वारंटीन को धता बताते हुए खुले में घूम रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण कोरोना वायरस के आम लोगों में फैलने को लेकर भयभीत हैं।
आए दिन मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला व पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। डीएम ने जहां ऐसे लोगों को दिए जा रहे एक हजार रुपये के भत्ता राशि पर रोक लगाने तो एसपी ने सभी एसओ को ऐसे लोगों को चिन्हित कर केस दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश जारी किया है।
कोरोना वायरस को बढ़ने से रोकने के लिए घोषित लॉकडाउन के बीच गैर प्रांत में फंसे लोगों के अपने गांव आने का सिलसिला जारी है। हर रोज स्पेशल ट्रेन, प्राइवेट साधन से बड़ी संख्या में आ रहे लोगों को प्रशासन की ओर से होम क्वारंटीन कराया जा रहा है।
शासन के निर्देश पर ऐसे लोगों को राशन के साथ ही एक हजार रुपये क्वारंटीन भत्ता के रूप में प्रशासन की ओर से दिया जा रहा है। गांव पहुंच रहे ज्यादातर प्रवासी होम क्वारंटीन न रहकर जहां परिवार के साथ रहे रहे हैं वहीं खुले में समूह के टहलते हुए बाजारों में भी जा रहे हैं।
ग्रामीणों के विरोध करने वह मारपीट पर उतर आ रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण कोरोना वायरस के आम लोगों में फैलने को लेकर भयभीत हैं। ग्रामीणों की ओर से आए दिन मिल रही ऐसी शिकायतों को जिला व पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि सभी एसओ को अपने क्षेत्र के ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि सभी एसडीएम को होम क्वारंटीन का पूरी तरह से पालन कराने का निर्देश दे दिया गया है। कहा कि उल्लंघन करने वालों को दी जाने वाली होम क्वारंटीन भत्ते की राशि नहीं दी जाएगी।