अमेठी सिटी। गौरीगंज के पूरे बानसिंह कटरालालगंज वार्ड निवासी अंकित कश्यप हत्याकांड के बाद शव रखकर गौरीगंज-अमेठी हाईवे जाम करने और पुलिस पर पथराव के मामले में पुलिस ने आठ नामजद समेत 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने करीब तीन घंटे तक हाईवे जाम रखा, सरकारी कार्य में बाधा डाली और पुलिस टीम पर ईंट-पत्थर फेंके।
घटना में तीन उपनिरीक्षक घायल हुए। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर रवि सिंह ने बताया कि अंकित के अंतिम संस्कार से पहले परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण शव को हाईवे पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। इससे गौरीगंज-अमेठी मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात ठप हो गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार प्रदर्शन समाप्त कर मार्ग खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। पुलिस के अनुसार इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, सरकारी कार्य में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस टीम पर ईंट-पत्थर फेंके, जिसमें उपनिरीक्षक कृपाशंकर, रामकरन सिंह और शिवेंद्र प्रताप घायल हो गए। तीनों का अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया।
उपनिरीक्षक कृपाशंकर यादव की तहरीर पर राज, विजय सिंह, प्रीतम, प्रभाकर मिश्रा, हरिकिशन शुक्ला उर्फ निक्की, गौरीशंकर, विजय पासी और संतोष समेत 20 से 25 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।