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Amethi News: किसान नेता रीता समेत 30-40 पर रिपोर्ट दर्ज

Sun, 19 Jul 2026 12:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी सिटी। 132/33 केवी पारेषण उपकेंद्र गौरीगंज पर धरना देकर पूरे जिले की बिजली आपूर्ति करीब तीन घंटे तक बाधित करने के मामले में किसान नेता रीता सिंह, उनके पुत्र नंदन सिंह समेत 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। ऊर्जा निगम के अवर अभियंता की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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अवर अभियंता पवन कुमार यादव ने बताया कि 16 जुलाई की रात 8:42 बजे सिस्टम कंट्रोल लखनऊ से बी ग्रुप ग्रामीण फीडरों की रोस्टिंग का आदेश मिला था। निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति नियंत्रित की जा रही थी। आरोप है कि रात करीब 9:50 बजे रीता सिंह, उनके पुत्र नंदन सिंह और 30-40 महिला-पुरुष उपकेंद्र पहुंच गए।


सभी लोग जबरन कंट्रोल रूम में घुस गए और ड्यूटी पर तैनात तकनीशियन शेखर सुमन पर सभी फीडर चालू करने का दबाव बनाने लगे। कर्मचारियों ने रोस्टर का हवाला देकर असमर्थता जताई तो तकनीशियन की पिटाई कर दी गई और अन्य कर्मचारियों को भी धमकाया गया। इसके बाद सभी 11 फीडरों की बिजली आपूर्ति बंद करा दी गई।
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इससे जिला मुख्यालय, जिला अस्पताल, अमेठी तहसील, संजय गांधी अस्पताल मुंशीगंज, औद्योगिक क्षेत्रों सहित जामों, मुसाफिरखाना, कौहार, पीठीपुर, बेनीपुर और बहोरखा सहित कई इलाकों की बिजली आपूर्ति करीब तीन घंटे प्रभावित रही। पुलिस के पहुंचने और समझाने के बाद आपूर्ति बहाल कराई जा सकी। प्रभारी निरीक्षक रवि सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।


झूठे आरोप लगाकर आंदोलन को दबाने की कोशिश
किसान नेता रीता सिंह ने बिजली कर्मचारियों की पिटाई के आरोपों से इन्कार किया। उनका कहना है कि महिलाएं अघोषित बिजली कटौती के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से उपकेंद्र पहुंची थीं। किसानों के आंदोलन को दबाने के लिए झूठे आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि धरने के दौरान कर्मचारियों ने महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और मौके पर पहुंचे अवर अभियंता ने भी अमर्यादित व्यवहार किया। रीता सिंह ने कहा कि तहरीर देने के बावजूद उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। नियमित बिजली आपूर्ति और उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
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