फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: संभल के बाद यहां शिव मंदिर पर विशेष समुदाय का कब्जा, 20 सालों से नहीं करने दे रहे पूजा-पाठ; पढ़ें मामला

Mon, 23 Dec 2024 07:07 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी

सार

कांग्रेस के गढ़ में शिव मंदिर पर विशेष समुदाय के कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने कहा कि 20 सालों से पूजा-पाठ नहीं करने दे रहे हैं। पुजारी को भी गांव छोड़ने पर मजबूर कर दिया। आगे पढ़ें और जानें पूरा मामला...
विज्ञापन
अमेठी में शिव मंदिर पर विशेष समुदाय का कब्जा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी के अमेठी में 120 साल पुराने शिव मंदिर पर विशेष समुदाय के लोगों के कब्जे की बात सामने आई है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। गांव के लोगों ने एसडीएम से मिलकर कब्जा खाली कराने की मांग की है। मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। 
विज्ञापन


मामला मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के औरंगाबाद गांव का है। यहां 120 साल पुराने पंच शिखर शिव मंदिर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विशेष समुदाय के कुछ लोगों ने मंदिर पर कब्जा कर रखा है। पिछले 20 वर्षों से पूजा-पाठ पर रोक लगा दी गई है।
 

धार्मिक स्वतंत्रता के लिए कर रहे संघर्ष

ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर की स्थापना करीब 120 वर्ष पूर्व गांव के एक दलित परिवार ने करवाई थी। यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। हालांकि, पिछले दो दशकों से विशेष समुदाय द्वारा मंदिर में पूजा-अर्चना करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे गांव के लोग नाराज हैं। लंबे समय से अपनी धार्मिक स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 
 

प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार

ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर के पुजारी को भी प्रताड़ित कर गांव से पलायन करने पर मजबूर कर दिया गया। पूजा-पाठ बंद होने और धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध के चलते गांव के लोगों में रोष है। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम मुसाफिरखाना प्रीति तिवारी से मिला। मंदिर को मुक्त कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई।
 
विज्ञापन

तहसीलदार को सौंपी गई जांच

एसडीएम प्रीति तिवारी ने कहा कि ज्ञापन के जरिए मामला संज्ञान में आया है। तहसीलदार को मामले की जांच सौपी गई है। जांच के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें