अमेठी सिटी। पावर कॉर्पोरेशन ने उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने की कवायद शुरू कर दी है। ओवरलोड से लो-वोल्टेज की वजह बन रहे ट्रांसफार्मरों को चरणबद्ध तरीके से चिह्नित कर उनकी क्षमता बढ़ाने का कार्य चल रहा है। पिछले वर्ष चिह्नित 1273 ट्रांसफार्मरों में 323 की क्षमता वृद्धि सामानों की कमी की वजह से नहीं हो सकी है।
जिले में 25 हजार से अधिक ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। तमाम ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड के कारण लो-वोल्टेज की समस्या है। आएदिन ये ट्रांसफार्मर ओवरलोड की वजह से फुंकते रहते हैं। गर्मी के महीने में यह समस्या काफी बढ़ जाती है। ट्रांसफार्मरों को चिह्नित कर उनकी क्षमता बढ़ाने का कार्य चल रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में 1273 ट्रांसफार्मर ओवरलोड में चिह्नित किए गए थे। इनमें अभी तक 950 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है। जबकि सामानों की कमी के कारण 323 ट्रांसफार्मरों की क्षमता नहीं बढ़ाई जा सकी।
एक्सईएन रोहित सिंह ने बताया कि सामानों की कमी व कुछ टेक्निकल खामी के चलते अभी 323 ट्रांसफार्मरों की क्षमता नहीं बढ़ सकी है। जल्द ही चिह्नित ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य पूरा हो जाएगा।
चिह्नित किए 500 से अधिक ट्रांसफार्मर
इस वित्तीय वर्ष में 500 से अधिक ट्रांसफार्मरों को चिह्नित किया गया है। इनकी क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इन ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के बाद काफी हद तक लोगों को लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिल जाएगी।