अमेठी सिटी। मोहनगंज के पूरे रजावन खानापुर चपरा गांव निवासी रामलखन (45) का शव बुधवार सुबह गांव से करीब तीन किमी दूर नैया नाले में दसवंत का पुरवा गांव के पास संदिग्ध हालात में मिला। वह छह सितंबर से लापता थे। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से भी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। मौत का सही कारण पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित कर लिया गया है।
शिव कुमार ने बताया कि उनके भाई रामलखन छह सितंबर को दोपहर बाद शंकरगंज बाजार से सामान लेने की बात कहकर घर से निकले थे। देर शाम तक नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। कोई जानकारी न मिलने पर मंगलवार को पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी।
बुधवार सुबह नैया नाले में दसवंत का पुरवा गांव के पास शव मिलने की सूचना मिली। परिजन मौके पर पहुंचे व पहचान की। शिव कुमार के अनुसार, शव जिस स्थिति में मिला, उससे उन्हें भाई की हत्या किए जाने की आशंका है। पत्नी सुशीला ने भी हत्या कर शव नाले में फेंके जाने की आशंका जताई है। हालांकि, परिजनों ने मामले में अभी कोई तहरीर नहीं दी है।
रामलखन की मौत से पत्नी सुशीला, बेटा आशीष और बेटियां आरती, काजल, सोनम व आंचल गहरे सदमे में हैं।
मौत की वजह साफ नहीं, डूबने पर भी सवाल
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत करीब तीन दिन पहले होने की बात सामने आई है। शरीर में पानी नहीं मिला है। इससे डूबने से मौत होने की आशंका पर सवाल खड़े हो गए हैं। पोस्टमॉर्टम से मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने के चलते विसरा सुरक्षित किया गया है। इसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग
इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने बताया कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। रामलखन के मोबाइल की सीडीआर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। रामलखन आखिरी बार किसके संपर्क में थे और वह नाले तक कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।