अमेठी सिटी। पत्नी रेखा की हत्या का आरोपी मंशाराम वारदात वाली रात मुसाफिरखाना से बाइक से गुजरा था। पुलिस ने कागजात नहीं दिखाने पर 500 रुपये का चालान कर दिया था। चालान की जानकारी ऑपरेशन चक्रव्यूह एप पर अपलोड की गई थी। हत्या की जांच के दौरान चालान की बात पता चली तो अफसरों का माथा ठनका। मंशाराम ने बताया था कि वारदात वाली रात वह सुल्तानपुर में भट्ठे पर काम कर रहा था। उसका ये झूठ चालान से पकड़ लिया गया।
घटना के बाद आरोपी पति मंशाराम ने खुद को बचाने के लिए कई कहानियां गढ़ीं, लेकिन जांच की परतें खुलती गईं और उसकी चालाकी धरी रह गई। पुलिस को उसके बयान और तकनीकी साक्ष्यों में विरोधाभास मिला। जब चालान की जानकारी सामने आई तो स्पष्ट हो गया कि वह वारदात के बाद सुल्तानपुर भागने की फिराक में था। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो मंशाराम टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली। उसने बताया कि पत्नी पर संदेह के चलते उसने पहले ही हत्या की योजना बना ली थी।
एएसपी ज्ञानेंद्र ने बताया कि तकनीकी साक्ष्य, मौके की परिस्थितियां और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।