अमेठी सिटी। रास्ते पर अतिक्रमण के विवाद में शिकायतकर्ता को थाने लाकर पिटाई करना रामगंज थाना प्रभारी को भारी पड़ा। शनिवार को युवक ने मामले की शिकायत एसपी से की। इसके बाद रात में ही एसपी ने थाना प्रभारी को हटाते हुए मॉनिटरिंग सेल में तैनात इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन को कमान सौंप दी।
रामगंज के अग्रेसर गांव निवासी राहुल गौतम ने शनिवार को एसपी अपर्णा रजत कौशिक को प्रार्थना पत्र देकर थाना प्रभारी अजयेन्द्र पटेल पर कई आरोप लगाए। राहुल के मुताबिक 20 मार्च को गांव के कुछ लोग मार्ग पर निर्माण कर आवागमन बाधित कर रहे थे, जबकि मार्ग पर कब्जे से जुड़ा मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
मार्ग पर कब्जा होता देख जब उन्होंने मामले की शिकायत तो थाना प्रभारी अजयेन्द्र पटेल पुलिस के साथ गांव पहुंचे। विपक्षियों को निर्माण करने के लिए कहा। एसओ ने उनको निर्माण कार्य में बाधा डालने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। 21 मार्च की सुबह जब दोबारा काम होने लगा तो तो उन्होंने मना किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी उन्हें थाने ले गए, जहां थाना प्रभारी ने उनकी पिटाई करते हुए जातिसूचक गाली देकर 12 घंटे तक भूखे-प्यासे थाने में बैठाए रखा।
परिजनों ने मामले की सूचना सीओ मनोज कुमार को दी। इसके बाद रात 10.20 बजे सीओ के हस्तक्षेप पर मेडिकल करवाकर रात 11 बजे थाने से छोड़ा गया। राहुल की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने शनिवार रात रामगंज थाना प्रभारी अजयेंद्र पटेल से थाने का प्रभार छीनते हुए जनसूचना सेल की जिम्मेदारी दी।
सभी आरोप निराधार
इंस्पेक्टर अजयेन्द्र पटेल ने बताया कि राहुल की ओर से लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। विवाद की सूचना पर पीआरवी दोनों पक्ष के लोगों को थाने लाई थी। दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया था। इसके लिए उन्हें थाने से छोड़ा गया था। बदनाम करने के लिए फर्जी आरोप लगा रहे हैं। स्थानांतरण प्रक्रिया विभाग का रूटीन कार्य है।
रूटीन प्रक्रिया के तहत हुआ स्थानांतरण
एएसपी हरेंद्र कुमार ने बताया कि रामगंज थानाध्यक्ष रहे अजयेन्द्र पटेल को स्थानांतरित किया गया है। उनके स्थान पर कृष्ण मोहन सिंह को चार्ज दिया गया है। स्थानांतरण रूटीन प्रक्रिया के तहत किया गया है। अगर अजयेन्द्र पटेल के विरुद्ध कोई शिकायत मिलेगी तो मामले की जांच करवाई जाएगी।