मुसाफिरखाना (अमेठी)। गबन के मामले में फरार चल रहे बैंक ऑफ इंडिया मुसाफिरखाना में तैनात सीनियर मैनेजर आडिट को दिल्ली सीबीआई टीम ने मंगलवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया। टीम ने बुधवार को सुलतानपुर स्थित दीवानी न्यायालय पहुंचकर सीजेएम से रिमांड कराकर उसे लेकर पटना के लिए रवाना हो गई।
बिहार प्रांत के जिला भागलपुर थाना तिलकामाझी के बिक्रम शिला कालोनी न्यू बिहार निवासी ज्ञानेंद्र कुमार घोष मुसाफिरखाना स्थित बैंक ऑफ इंडिया में सीनियर मैनेजर आडिट के पद पर कार्यरत थे। मंगलवार देर शाम दिल्ली सीबीआई के एएसआई धर्मेंद्र सिंह की टीम ने उसे बैंक से गिरफ्तार कर लिया।
टीम उसे मुसाफिरखाना कोतवाली ले गई जहां रातभर पुलिस की सुपुर्दगी में रखा। बुधवार सुबह सीबीआई टीम ज्ञानेंद्र को लेकर दीवानी न्यायालय सुलतानपुर पहुंची। वहां टीम की ओर से ट्रांजिट रिमांड के लिए उसे सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। सीजेएम की ओर से रिमांड मिलने के बाद टीम उसे लेकर पटना के लिए रवाना हो गई।
हालांकि सीबीआई टीम ने गिरफ्तार बैंक कर्मी के बारे में किसी से कोई बात नहीं की। सूत्रों की मानें तो ज्ञानेंद्र पर पटना में तैनाती के दौरान कई करोड़ रुपये गबन का आरोप लगा था। प्रकरण का विरोध होने पर प्रदेश सरकार ने सीबीसीआईडी जांच शुरू कराई थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली की सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। टीम की ओर से कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेज के अनुसार 20 फरवरी को सीबीआई कोर्ट की ओर से ज्ञानेंद्र के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किया गया था। इसी के बाद ज्ञानेंद्र की खोज में जुटी सीबीआई टीम ने मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।