अमेठी सिटी। अमेठी संसदीय सीट के लिए चुनाव के बाद जारी परिणाम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बसपा सहित 11 प्रत्याशी जमानत तक नहीं बचा सके। खास बात यह है कि नोटा से भी दस उम्मीदवार चुनाव हार गए।
दरअसल नियम यह है कि यदि किसी प्रत्याशी को किसी निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए कुल विधिमान्य मतों की संख्या के छठे भाग या 1/6 से कम वोट मिलते हैं तो उसकी जमानत जब्त मान ली जाती है। अमेठी में कुल 9 लाख 80 हजार 883 मत पड़े थे। इसमें कुल 9 लाख 71 हजार 288 वैध मत थे। जमानत बचाने के लिए एक लाख 61 हजार 881 मत की आवश्यकता है।
अमेठी संसदीय सीट से कुल 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा, भाजपा की स्मृति जूबिन इरानी ही अपनी जमानत बचा सकी। बसपा के नन्हें सिंह चौहान, राष्ट्रीय नारायण वादी विकास पार्टी के मो. हसन लहरी, जनशक्ति समता पार्टी के दिनेश मौर्या, समझदार पार्टी के संतराम, संयोगवादी पार्टी के शैलेंद्र कुमार व मौलिक अधिकार पार्टी के भगवानदीन पासी के अतिरिक्त निर्दल खुशीराम, जगदंबा प्रसाद यादव, उदयराज, चंद्रावती,सुरेंद्र कुमार अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। यही नहीं, कांग्रेस, भाजपा व बसपा को छोड़ शेष दस उम्मीदवार नोटा से भी हार गए।