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एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल खत्म कराने का प्रयास विफल

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गौरीगंज (अमेठी)। अनिश्चित कालीन हड़ताल पर उतरे एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल समाप्त कराने का प्रशासनिक प्रयास विफल साबित हुआ। मंगलवार रात धरना स्थल पर पहुंचे एडीएम व सीएमओ के समझाने पर भी धरने पर बैठे एंबुलेंस कर्मी आंदोलन खत्म न करने पर अड़े रहे। संस्था द्वारा आठ कर्मियों को सेवा से हटाए जाने से नाराज अन्य कर्मियों ने आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी है।
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मरीजों को समय से अस्पताल पहुंचाने तथा उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिले में 102 एंबुलेंस सेवा के 32, 108 एंबुलेंस सेवा के 31 व एडवांस लाइफ सपोर्ट की तीन एंबुलेंस संचालित होती हैं। पिछले दिनों संचालन की जिम्मेदार दूसरी संस्था को देने के बाद एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस पर तैनात चालक व इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन को नौकरी से निकाला जाने लगा।
इसके विरोध में ही अपनी मांगों को लेकर एंबुलेंस कर्मी आंदोलित हैं। हड़ताल से मरीजों को हो रही असुविधा के बाद प्रशासन हड़ताल समाप्त कराने की कोशिश में जुटा है। मंगलवार रात एडीएम सुशील प्रताप सिंह व सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने हड़ताली कर्मियों से वार्ता की।
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वार्ता के बाद कर्मी 108 एंबुलेंस वाहन संचालित करने को राजी भी हो गए। हालांकि बुधवार सुबह नामित संस्था की ओर से आठ कर्मियों को हटाए जाने की नोटिस मिलने के बाद आक्रोश बढ़ गया। कर्मियों ने दोबारा वाहनों का संचालन बंद करते हुए आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया।
नाराज कर्मी निकाले गए सभी कर्मियों को समायोजित करने, कर्मियों को ठेकेदारी प्रथा से मुक्त करके संविदा तैनाती देने और कोरोना कॉल में मरे एंबुलेंस कर्मियों के आश्रितों को 50 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग मुख्य तौर पर कर रहे हैं।
प्रदर्शन में सुभाष यादव, शैलेंद्र मिश्र, पिंटू माझी, रामशंकर, उदयभान, राजकुमार, प्रेमकुमार, आनंद कुमार, बृजेश कुमार व रवि कुमार व राघवेंद्र कुमार समेत एंबुलेंस कर्मी मौजूद रहे।
सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि हड़ताली कर्मियों से वार्ता चल रही है। 108 एंबुलेंस सेवा बहाल करा दी गई है। 102 एंबुलेंस सेवा बहाल कराने की कोशिश चल रही है। हड़ताली कर्मी यदि हड़ताल समाप्त करने को राजी नहीं होंगे तथा एंबुलेस वाहन संचालन में बाधा उत्पन्न करेंगे तो नामित संस्था की तरफ से एम्सा के तहत केस दर्ज कराते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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