अमेठी सिटी। कंपोजिट विद्यालयों के विद्यार्थियों को अब खगोल विज्ञान की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। यह पहल बच्चों को अंतरिक्ष और तारों के रहस्य समझने में मदद करेगी।
बेसिक शिक्षा विभाग ने इस योजना को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। शासन से मंजूरी और धन मिलते ही प्रयोगशालाएं बनाने का काम शुरू होगा। योजना के तहत जिले के कंपोजिट विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित की जाएगी। अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों को प्राथमिकता मिलेगी। इससे ज्यादा बच्चों तक विज्ञान की नई जानकारी पहुंच सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा। बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि प्रयोगशाला प्रक्रिया के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बताया कि खगोल विज्ञान प्रयोगशालाओं के माध्यम से बच्चे व्यावहारिक रूप से सीखेंगे। वे अंतरिक्ष, ग्रह और तारों के बारे में जान पाएंगे। दूरबीन, चार्ट और मॉडल का उपयोग कर जानकारी दी जाएगी। इससे विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी। ब्रह्मांड के रहस्यों को जानने का अवसर मिलेगा।