अमेठी सिटी। फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग ने जामों ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रानीपुर बाजगढ़ी में तैनात सहायक अध्यापक सत्य प्रकाश मिश्र की सेवा नियुक्ति तिथि से समाप्त कर दी है। यह कार्रवाई सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी की अंतिम सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर की गई।
बीएसए कार्यालय के अनुसार शिक्षक का चयन वर्ष 2016 की 15 हजार शिक्षक भर्ती में हुआ था। वर्ष 2018 में उपलब्ध सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर वेतन स्वीकृत हुआ। अगस्त 2025 में विश्वविद्यालय से मिली नई रिपोर्ट में पहले की सत्यापन आख्या संदिग्ध मिलने पर वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
अप्रैल 2026 में विभाग ने दो बार मूल अभिलेखों के साथ उपस्थित होने का अवसर दिया, फिर भी शिक्षक निर्धारित तिथियों पर नहीं पहुंचे। बाद में जमा कराई गईं छाया प्रतियों का दोबारा सत्यापन कराया गया। 19 जून 2026 को विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि पूर्व मध्यमा, उत्तर मध्यमा और शास्त्री परीक्षा के प्रस्तुत अंकपत्र विश्वविद्यालय से जारी नहीं हुए थे और उन पर अंकित अनुक्रमांक भी अभिलेखों में दर्ज नहीं हैं। इसके बाद बीएसए संजय कुमार तिवारी ने नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया।