बाराबंकी। जिस घर में मां की ममता और भाई की शरारतों से खुशियां रहती थीं, वहां सोमवार को चीख-पुकार मची थी। सुबेहा के सराय गोपी गांव की 10 वर्षीय वैष्णवी के लिए यह हादसा जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन गया। अमेठी में सड़क हादसे में मां मालती और पांच वर्षीय भाई विराट की मौत ने उससे मां का आंचल और भाई का साथ हमेशा के लिए छीन लिया।
रविवार रात तक परिवार के साथ रही वैष्णवी को शायद अंदाजा भी नहीं था कि अगले दिन घर में ऐसा मातम छा जाएगा। सोमवार शाम पोस्टमार्टम के बाद मां और भाई के शव घर पहुंचे तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। मां और छोटे भाई को खोने का दर्द पूरे परिवार पर भारी पड़ रहा था। शव देखते ही वैष्णवी बेसुध हो गईं।
ग्रामीणों ने बताया कि विकास मौर्य होटल में नौकरी करते हैं। मालती दोनों बच्चों की देखभाल करती थीं। मासूम वैष्णवी के सामने मां की ममता और भाई के साथ के बिना जिंदगी बिताने की चुनौती खड़ी हो गई है।