गौरीगंज (अमेठी)। मुंशीगंज थाने के सामने स्थित बाग में उस समय भगदड़ मच गई, जब एक एसयूवी से पहुंचे कई लोग युवाओं को सेना भर्ती की तैयारी करा रहे व्यक्ति को जबरन अपने वाहन में बैठाने लगे। बाद में पता चला कि सादे कपड़ों में आए लोग अयोध्या पुलिस व सेना के विजिलेंस से हैं। बवाल के बीच वह लोग युवक को लेकर किसी तरह लेकर मुंशीगंज थाने पहुंचे। बाद में कागजी कार्रवाई पूरा कर टीम युवक को लेकर अयोध्या के लिए रवाना हो गई।
मुंशीगंज थाना क्षेत्र के बघौरा गांव निवासी संदीप दुबे काफी दिनों से कस्बा स्थित थाने के सामने बाग में क्षेत्र के युवाओं को सेना भर्ती की तैयारी कराता था। शुक्रवार को सुबह भी संदीप दुबे बाग स्थित ग्राउंड पर युवाओं को तैयारी करा रहा था। इसी बीच वहां एसयूवी पहुंची। कार से नीचे उतरे लोग संदीप को जबरन कार में बैठाने लगे। इस बीच वहां मौजूद युवाओं ने उनके वाहन को घेर लिया। मौका पाकर बीच संदीप उनके वाहन से कूदकर भागने लगा।
कार सवार लोगों ने उसे दौड़ाकर दबोच लिया और युवाओं से धक्का-मुक्की करते हुए किसी तरह मुंशीगंज थाने पहुंचे। उन लोगों ने पुलिस को अपना परिचय बताया। पुलिस ने थाने पर पहुंचे लोगों को बताया कि वह लोग बदमाश नहीं, बल्कि सेना की विजिलेंस तथा अयोध्या जिले के कैंट थाने के पुलिस अफसर व कर्मी हैं।
एसओ मुंशीगंज संदीप राय के अनुसार अयोध्या के कैंट थाने में इसी जिले के निवासी राम आशीष मौर्य की तहरीर पर संदीप दुबे के खिलाफ सेना में भर्ती कराने के लिए 7.5 लाख रुपये लिए गए हैं। उस मामले में कैंट थाने पर संदीप के खिलाफ केस दर्ज है। टीम में शामिल अफसरों ने बताया कि संदीप दुबे के खिलाफ ऐसी ही तीन और तहरीर मिली हैं। इसके बाद कागजी कार्रवाई कराकर टीम संदीप को लेकर अयोध्या रवाना हो गई।