अमेठी सिटी। कोरवा स्थित एके-203 असॉल्ट राइफल फैक्ट्री में शुक्रवार को एक बार फिर रक्षा क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी रही। सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेन गुप्ता ने इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (आईआरआरपीएल) का निरीक्षण किया। कहा जा रहा है कि सेना को एके-203 की पहली खेप जल्द भेजी जाएगी।
करीब ढाई घंटे तक फैक्ट्री परिसर में मौजूद रहे सैन्य अधिकारी ने असलहों की निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन क्षमता और सुरक्षा प्रबंधों का बारीकी से अवलोकन किया। फैक्टरी के अधिकारियों ने उन्हें तकनीकी दक्षता, असेंबली लाइन, फायरिंग टेस्टिंग रेंज और उत्पादन लक्ष्य से जुड़ी जानकारियां साझा कीं। फैक्टरी के विस्तार, निर्यात संभावनाओं और लॉजिस्टिक नेटवर्क पर भी मंथन हुआ।
लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेन गुप्ता ने तकनीकी व्यवस्था और सफाई को लेकर संतोष जताते हुए कहा कि निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों बनाए रखें। उन्होंने राइफल की फिनिशिंग, हैंडलिंग और परीक्षण प्रक्रिया को भी करीब से देखा। फैक्टरी प्रबंधन के अनुसार आने वाले हफ्तों में एके-203 की पहली खेप भारतीय सेना को सौंपे जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह भी फैक्टरी परिसर में मौजूद रहे। दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने फैक्टरी और उसके आसपास विशेष सतर्कता बरती। सीआईएसएफ के साथ स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद रहा।