अमेठी सिटी। साहब...नई मतदाता सूची में मेरा नाम नहीं है। पति के नाम के आगे दूसरी महिला का नाम दर्ज हो गया है। शीला देवी समेत तमाम मतदाता शनिवार को अपनी शिकायत लेकर बूथों पर आयोजित विशेष शिविर में पहुंचें। कुछ को समाधान मिला कई बेबस नजर आए।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत शनिवार को 1,489 बूथों पर आयोजित विशेष शिविर में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) ने मतदाताओं की समस्याओं का निस्तारण किया। इस दौरान अभियान के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट सूची पढ़ी गई। साथ ही मतदाता का नाम जोड़ने, संशोधन, विलोपन के लिए आवेदन लिए गए।
एसआईआर पहले मतदाता सूची में 14,36,528 मतदाता थे। अब सूची में 11,69,287 मतदाता बचे हैं, इसमें चारों विधानसभा क्षेत्रों में नो मैपिंग के कुल 1,08,493 मतदाताओं को नोटिस जारी की गई है। अधिकारियों ने बताया कि कोई मतदाता जीवित है और उसी पते पर रह रहा है, लेकिन उसका नाम एएसडी सूची में आ गया है, तो उसके लिए दावा आपत्ति छह फरवरी तक दे सकते हैं।
कटरा लालगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय गौरीगंज द्वितीय में छह बूथ हैं। सुबह 11 बजे यहां पर अलग-अलग बूथों के मतदाता अपना नाम जोड़ने के लिए खड़े दिखाई पड़े। बीएलओ कामता प्रसाद, ऊषा पांडेय, कमलेश कुमारी, निर्मला जायसवाल ने बताया कि मतदाता सूची पढ़ने के साथ ही नए मतदाताओं को सूची में जोड़ने के लिए फॉर्म भरे जा रहे हैं।
सूची में नहीं था नाम, किया आवेदन
प्राथमिक विद्यालय गौरीगंज द्वितीय परिसर स्थित मतदान केंद्र पर मिलीं शीला देवी ने बताया कि इस बार सूची में उनका नाम नहीं है। उनके पति के नाम के आगे दूसरी महिला का नाम दर्ज हो गया है। वहीं, आशीष तिवारी ने बताया कि हमारे घर के दो बच्चे 18 वर्ष के हो गए हैं। उन्हीं का फॉर्म छह भरने आए हैं। वृद्धा सुखना ने बताया कि नोटिस मिली है, उसी का अभिलेख देने आए हैं। वहीं, निशा यादव ने बताया कि 2003 की लिस्ट देखने आई हूं। उनकी ननद की ससुराल में सूची भेजना है, जिससे उनका नाम वहां शामिल हो सके।
नहीं मिल रही परिवार रजिस्टर की नकल
गौरीगंज निवासी आशीष कुमार ने बताया कि नगर पालिका में परिवार रजिस्टर की नकल नहीं मिल पा रही है। नोटिस मिली है, उसमें परिवार रजिस्टर की नकल मांगी गई है। बताया कि नकल नहीं मिलने पर फैमिली आईडी दी गई, लेकिन वो मान्य नहीं है। कोई सुनने वाला नहीं है, लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
बीएलओ से करें संपर्क
एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाताओं की सूची बीएलओ के पास है, जो मतदाताओं को पढ़कर सुनाई गई है। इस सूची में शामिल कोई भी व्यक्ति अपनी जगह पर रहता है तो वह जरूरी अभिलेख बीएलओ को दे दे, ताकि उनका नाम जोड़ा जा सके।