अमेठी। स्थानीय ब्लॉक की ग्राम पंचायत बाहापुर के नौगवां स्थित निजी विद्यालय में बंद छुट्टा मवेशियों को गोआश्रय केंद्रों पर शिफ्ट करने का कार्य छठे दिन हुआ। ग्रामीणों की शिकायत पर ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, सफाई कर्मियों, ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों की मदद से प्राइवेट वाहन पर मवेशियों को लादकर गोआश्रय केंद्रों पर बृहस्पतिवार सुबह से भिजवाना शुरू कर दिया गया।
छुट्टा मवेशियों से परेशान स्थानीय ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामदयपुर व बाहापुर के ग्रामीणों ने नौगवां स्थित एक निजी स्कूल में छह दिन पूर्व करीब 98 से अधिक छुट्टा मवेशियों को बंद कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने मामले की शिकायत जिला स्तरीय अफसरों समेत विभागीय अधिकारियों से की। यही नहीं निजी स्कूल में बंद किए गए छुट्टा मवेशियों को ग्रामीण चारा पानी की व्यवस्था भी कर रहे थे।
चार दिन बीतने के बाद भी जब अफसरों की ओर से कोई पहल नहीं की गई तो ग्रामीणों ने इसकी जानकारी मीडिया को दी। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद जिला एवं स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। बृहस्पतिवार को डीपीआरओ श्रीकांत यादव के निर्देश पर पंचायत सचिव विपिन तिवारी ने गोवंशों को ले जाने के लिए सरकारी वाहन नहीं मिलने पर प्राइवेट वाहन की व्यवस्था की।
सुबह से ही पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अरविंद पाठक, रोजगार सेवक, सफाई कर्मी कई ग्रामीणों की मदद से निजी वाहन पर 36 मवेशियों को लदवाकर त्रिलोकपुर स्थित कांजी हाउस पहुंचाया। वहां क्षमता पूरी होने के बाद शेष 62 मवेशियों को नगर पंचायत की ओर से क्षेत्र के रायपुर फुलवारी में बनी कान्हा गोशाला में संरक्षित कराया गया।