अमेठी सिटी। प्रतापगढ़ से अमेठी-गौरीगंज होते हुए मुसाफिरखाना तक जाने वाले हाईवे के चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है। इसके निर्माण पर 1086.3 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मार्ग का चौड़ीकरण हो जाने से वाहन चालकों का आवागमन सुगम व सुरक्षित बनेगा। चौड़ीकरण के लिए हाईवे किनारे दायरे में आने वाले पेड़ों की कटाई के साथ ही पटरी पर गड्ढों की खोदाई कर गिट्टी डालकर बेस तैयार किया जा रहा है। अब तक लगभग 10 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
चौड़ीकरण के बाद हाईवे सात से बढ़ाकर 10 मीटर तक चौड़ा हो जाएगा। 69.2 किलोमीटर लंबे हाईवे को फोरलने बनाने का काम अक्तूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह हाईवे लखनऊ-वाराणसी और प्रयागराज-अयोध्या कॉरिडोर को जोड़ने वाला है। हाईवे पर प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय, अमेठी नगर पंचायत, गौरीगंज और मुसाफिरखाना क्षेत्र के अनेक गांव निर्भर हैं। चौड़ाई बढ़ने से वाहनों की आवाजाही बेहतर व सुरक्षित होगी।
इससे बाजार क्षेत्रों में आए दिन लगने वाले जाम की परेशानी दूर होने के साथ ही किसानों को उपज मंडियों तक पहुंचाने में भी सहूलियत मिलेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सहायक अभियंता समृद्धि शुक्ल ने बताया कि फोरलेन काम शुरू हो चुका है। मानकों के अनुरूप तय समय सीमा में चौड़ीकरण कार्य पूरा कराया जाएगा।
इन गांवों को जोड़ेगा हाईवे
यह हाईवे चिलबिला ओवरब्रिज के पास से निकलकर बिहारगंज, गड़वारा, बाबूगंज, सहजीपुर, मिश्रौली, अमेठी, तालाखजुरी, गौरीगंज होते हुए मुसाफिरखाना तक जाता है। प्रयागराज से प्रतापगढ़ होकर लखनऊ जाने वाले वाहनों का दबाव इसी मार्ग पर अधिक रहता है। मार्ग का 21 किलोमीटर हिस्सा प्रतापगढ़ जिले में, जबकि 41.28 किलोमीटर हिस्सा अमेठी जिले में आता है।
बनेंगे तीन बाईपास और एक रेलवे ओवरब्रिज
परियोजना में तीन बाईपास, दो ओवरब्रिज और एक रेलवे ओवरब्रिज शामिल हैं। सहजीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने से फाटक पर लगने वाला जाम समाप्त होगा। प्रतापगढ़ के बाबूगंज, जिले ठेंगहा गांव और गौरीगंज के टिकरिया में बाईपास प्रस्तावित है। हाईवे पर टोला प्लाजा का भी निर्माण होगा।