अमेठी सिटी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में भ्रष्टाचार के मामले की जांच तीन सदस्यीय जिला स्तरीय टीम कर रही है। जांच से असंतुष्ट विवादित फर्म संचालक व सहायक योजना प्रबंधक ने मंडलायुक्त से उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने की मांग की है, जिस पर अपर आयुक्त प्रशासन अयोध्या को जांच अधिकारी बनाया गया है।
वहीं सामूहिक विवाह योजना का पटल देख रहे शुभम तिवारी को भी हटाने का निर्देश दिया गया है। इसके संबंध में समाज कल्याण अयोध्या उप निदेशक राकेश रमन ने डीएम संजय चौहान को पत्र भेजा है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अनियमितताओं को लेकर जिला समाज कल्याण विभाग सवालों के घेरे में है। आयोजन और उपहार सामग्री उपलब्ध कराने के लिए नामित फर्म का अनुभव प्रमाणपत्र जांच में फर्जी मिला है। इस विवादित फर्म के संचालक ने प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी व परियोजना निदेशक ऐश्वर्य यादव पर 20 प्रतिशत कमीशन मांगने का गंभीर आरोप लगाया है।
वहीं सहायक योजना प्रबंधक गौरव श्रीवास्तव ने भी पीडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फर्म संचालक जगदीश प्रसाद और सहायक योजना प्रबंधक (संविदा) गौरव श्रीवास्तव की मांग पर समाज कल्याण विभाग अयोध्या के उप निदेशक राकेश रमन ने अपर आयुक्त प्रशासन को जांच के लिए नामित किया है। जांच के दौरान सामूहिक विवाह योजना के पटल प्रभारी ग्राम विकास अधिकारी (समाज कल्याण) शुभम तिवारी को योजना पटल से मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। सीडीओ सचिन कुमार सिंह ने बताया कि टीम मामले की जांच कर रही है। दोषी फर्म के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। दूसरा टेंडर कराकर फरवरी में सामूहिक विवाह कार्यक्रम कराने का प्रयास किया जाएगा।