हंगामा होने पर ग्रामीणों का समझातीं तहसीलदार
गौरीगंज (अमेठी)। बाजार शुकुल के किशनी गांव में बृहस्पतिवार की रात कुछ लोगों ने सरकारी भूमि पर आंबेडकर की प्रतिमा रख दी। शुक्रवार सुबह इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। करीब पांच घंटे तक चली गहमागहमी के बाद तहसीलदार की मौजूदगी में प्रतिमा को हटवाकर जमीन खाली कराई गई।
राजस्व अभिलेखों में किशनी गांव के गाटा संख्या 1913 नवीन परती खाते में दर्ज है। इसी भूमि पर करीब दिन पूर्व से कुछ लोग छप्पर का मकान बनाकर रह रहे हैं। आरोप है कि बृहस्पतिवार की रात गांव निवासी सुरेश, जियालाल, हरिश्चंद्र आदि ने इसी जगह पर आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी।
शुक्रवार की सुबह जब वे लोग प्रसाद बांटने लगे तब ग्रामीणों को जानकारी हुई। किसी ने सूचना डायल 112 को दी। सूचना मिलते ही एसओ तरुण पटेल मौके पर पहुंच गए। एसओ ने बिना अनुमति लगाई प्रतिमा को हटवाने का प्रयास किया तो उक्त लोग बवाल करने लगे। लोगों का कहना था कि इसी भूमि पर गांव के मनोज कुमार पासी एक साल पहले दुर्गा माता का मंदिर बनवा चुके हैं। कहा कि सरकारी भूमि पर मंदिर बन सकता है तो आंबेडकर की प्रतिमा क्यों नहीं स्थापित हो सकती। दोपहर बाद मौके पर पहुंचीं तहसीलदार संगीता पांडेय ने समझाने की प्रयास किया लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था।
तहसीलदार ने कहा कि बिना अनुमति प्रतिमा लगाना गलत है। कहा कि नियमानुसार प्रतिमा लगाने की अनुमति लें फिर प्रतिमा लगावाएं। तहसीलदार की मौजूदगी में स्थापित प्रतिमा को हटवाते हुए उसे सुरेश कुमार के छप्पर के नीचे रखवाया गया। कहाकि यदि दोबारा बिना अनुमति प्रतिमा लगाई गई तो उन लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। गांव में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए एक उपनिरीक्षक व चार सिपाही की ड्यूटी लगाई गई है।