गौरीगंज (अमेठी)। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के तहत जिले के ग्राम प्रधान व पंचायत कर्मी प्रशिक्षित किए जाएंगे। मास्टर ट्रेनर के लिए डीसी समेत पांच सिविल इंजीनियर प्रशिक्षण लेने के लिए निदेशालय भेजे गए हैं।जिले की 44 ग्राम पंचायतों में शासन की ओर से स्वच्छ भारत मिशन प्लस फेज-1 के तहत ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन का काम चल रहा है। 2023-24 में एसबीएम प्लस फेज-2 के तहत चयनित ग्राम पंचायतों की सूची भी जल्दी ही आने वाली है। इन गांवों में कार्य कराने में कोई दिक्कत नहीं आए इसके लिए शासन ने ग्राम प्रधानों व पंचायत कर्मियों को प्रशिक्षित करने की योजना पर काम शुरू किया है। योजना के तहत सबसे पहले डीसी स्वच्छ भारत मिशन के साथ ही पांच सिविल इंजीनियर मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षित किया जाना है।
उप निदेशक पंचायतीराज की ओर से जारी पत्र के अनुसार प्रशिक्षण से लौटने के बाद मास्टर ट्रेनर के रूप में जिला मुख्यालय पर संचालित पंचायत रिसोर्स सेंटर में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, सफाई कर्मी व पंचायत सहायकों को प्रशिक्षण देने का काम करेंगे।
अमेठी के साथ सुल्तानपुर के भी प्रधान व पंचायत कर्मियों को जिले की डीपीआरसी पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। डीसी स्वच्छ भारत मिशन आरपी सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण देने के लिए डीपीआरओ कार्यालय से रोस्टर तैयार किया जा रहा है।
पांच हजार से नीचे वाली पंचायतों का होगा चयन
डीपीआरओ श्रीकांत यादव ने बताया कि फेज-1 में पांच हजार व उससे ऊपर आबादी वाले गांव लिए गए थे। फेज-2 में पांच हजार से नीचे आबादी वाले 50 फीसदी गांवों का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया निदेशालय स्तर से की जाएगी। उसकी सूची इसी सप्ताह मिल जाएगी।