अमेठी के उच्च प्राथमिक विद्यालय धेड़पासर में श्यामपट पर विज्ञान का प्रश्न लिखते शिक्षक। -संवाद
अमेठी। बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में सही तरीके से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं भी संपादित नहीं करा पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को कक्षा सात की विज्ञान की परीक्षा के दौरान कृषि विज्ञान विषय का सेट खुल गया, जिसके चलते विद्यार्थियों संग शिक्षकों को परेशान होना पड़ा। अधिकांश विद्यालयों में समान स्थिति देखने को मिली। आखिरकार श्यामपट पर प्रश्न लिखकर किसी तरह परीक्षा कराई गई।
कंपोजिट विद्यालय अमेठी की प्रधानाचार्य गीता ने बताया कि कक्षा सात के 37 विद्यार्थियों की परीक्षा श्यामपट पर प्रश्न लिखकर कराई गई। इसी प्रकार उच्च प्राथमिक विद्यालय डेढ़पासर में भी सहायक इंचार्ज रविंद्र कुमार ने बताया कि गलत सेट खुलने के बाद श्यामपट पर प्रश्न लिखने पड़े।
बीईओ पूजा सिंह ने बताया कि यह गलती केवल अमेठी ब्लॉक तक सीमित नहीं है। अन्य ब्लॉकों के विद्यालयों में भी सील्ड लिफाफों में गलत प्रश्नपत्र मिले। बीएसए कार्यालय से विद्यालयों का नाम अंकित कर प्रश्नपत्र भेजे जाते हैं, मगर गलती का पता परीक्षा के समय लिफाफा खुलने पर चला। स्थिति स्पष्ट होने के बाद समीपवर्ती विद्यालयों से विज्ञान प्रश्नपत्र उपलब्ध कर परीक्षा पूरी कराई गई।
कठिन सवालों में उलझे विद्यार्थी
अमेठी सिटी। परिषदीय विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा के दूसरे दिन पहली पाली में कक्षा दो व तीन में गणित, चार, पांच, छह में हिंदी, सात व आठ में विज्ञान की परीक्षा हुई। दूसरी पाली में कक्षा तीन से आठ तक संस्कृत की परीक्षा हुई। संस्कृत के एकवचन-बहुवचन से संबंधित प्रश्नों ने कई विद्यार्थियों को उलझन में डाला। हिंदी का पेपर आसान रहा, लेकिन विज्ञान के कुछ सवालों में विद्यार्थियों को सोचना पड़ा। गौरीगंज स्थित पीएम श्री मॉडल स्कूल के कक्षा छह के सूरज ने कहा कि संस्कृत प्रश्नपत्र अपेक्षा से कठिन रहा। कक्षा आठ के अर्पित ने कहा कि संस्कृत के व्याकरण आधारित प्रश्न उन्हें जटिल लगे। वहीं, कक्षा आठ के प्रिंस का कहना था कि हिंदी पेपर सरल रहा, केवल निबंध व पत्र लेखन में विचार एकत्र करने में समय लगा।