अमेठी स्थित पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस
- फोटो : अमेठी स्थित पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस
अमेठी। अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस से एएनएम की पढ़ाई कर रही छात्राओं की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। पुलिस और विद्यार्थी परिषद के हस्तक्षेप से 15 सितंबर को 17 छात्राओं को बरेली कॉलेज में लिखित परीक्षा देने का मौका तो मिल गया, लेकिन वहां पहुंचते ही प्रशासन ने आठ लाख रुपये बकाया बताकर सभी को चौंका दिया।
विद्यार्थी परिषद और स्थानीय अधिकारियों की मौजूदगी में कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें पेपर देने दिया। हालांकि, लिखित परीक्षा संपन्न होने के बाद भी समस्या समाप्त नहीं हुई। अब 27 सितंबर को होने वाली प्रैक्टिकल परीक्षा से पहले फीस जमा करने का दबाव उन पर भारी पड़ रहा है। छात्रा नेहा ने बताया कि पिछली बार परिजनों ने काफी कठिनाई से रकम का इंतजाम कर शुल्क अदा किया था। अब दोबारा इतनी बड़ी राशि जुटाना लगभग असंभव है। उनका कहना है कि प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि मार्कशीट केवल बकाया रकम जमा होने पर ही दी जाएगी। यदि पैसा नहीं जमा हो पाया तो सालों की मेहनत व्यर्थ हो जाएगी। दूसरी ओर छात्रा के परिजन कुलदीप ने कहा कि अंतिम समय में प्रशासन की पहल पर लिखित परीक्षा तो हो गई, लेकिन बार-बार पैसे की मांग से बच्चियां मानसिक दबाव में हैं और घरवाले बेहद चिंतित हैं।
मार्कशीट के नाम पर अटकी उम्मीदें
छात्राओं ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि शेष रकम मिलने के बाद ही मार्कशीट दी जाएगी। बताया कि वे पहले ही पर्याप्त पैसा जमा कर चुकी हैं। इस स्थिति ने उनका डर और बढ़ा दिया है। उन्हें आशंका है कि शुल्क की मांग लगातार बढ़ती गई तो पढ़ाई के साथ भविष्य भी अंधेरे में जा सकता है।
27 सितंबर को प्रैक्टिकल, बढ़ा दबाव
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छात्राओं का प्रैक्टिकल 27 सितंबर को होना है। उसी दिन कॉलेज प्रशासन सभी को फीस का ब्योरा देगा। यदि भुगतान पूरा नहीं हुआ तो उन्हें परीक्षा देने का अवसर भी नहीं मिल पाएगा। इस कारण छात्राएं असमंजस में हैं और परिवार के लोग भी परेशान हैं।
भविष्य सुरक्षित करना प्राथमिकता : एसडीएम
एसडीएम आशीष सिंह ने कहा कि प्रशासन ने बरेली कॉलेज से संपर्क कर लिखित परीक्षा कराई है। उन्होंने बताया कि छात्राओं का भविष्य सुरक्षित रखना ही सबसे अहम है। पूरे मामले की जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।