मुसाफिरखाना तहसील में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत संगठन
मुसाफिरखाना। तहसील परिसर में एसडीएम अभिनव कनौजिया की कार्यशैली के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। न्यायिक मजिस्ट्रेट का चार्ज हटने के बाद भी अधिवक्ताओं का विरोध खत्म नहीं हुआ। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर और मुख्य गेट पर नारेबाजी कर विरोध जताया। न्यायिक कार्य नहीं होने से 285 मुकदमों की सुनवाई टल गई।
एसडीएम की अदालत में 52, एसडीएम न्यायिक की अदालत में 81, तहसीलदार की अदालत में 42, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना की अदालत में 24 और नायब तहसीलदार जगदीशपुर की अदालत में 86 मुकदमों की सुनवाई होनी थी। आंदोलन के कारण कई मामलों में सुनवाई प्रभावित होने की बात सामने आई। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल ने बताया कि जिलाधिकारी ने एसडीएम के न्यायिक अधिकार वापस लेने का निर्णय लिया है।
इस निर्णय का सम्मान करते हुए मंगलवार को अधिवक्ताओं की बैठक बुलाई गई है, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को एसडीएम न्यायिक के साथ अधिवक्ताओं की वार्ता भी प्रस्तावित है। अधिवक्ता वार्ता के बाद आगे के कदम तय करेंगे। प्रदर्शन में राजीव कुमार तिवारी, सतीश कुमार सिंह, रघुनंदन पांडेय, जगतराम पाल, जगदीश सरोज, बृजेश शुक्ल आदि मौजूद रहे।