मुसाफिरखाना तहसील परिसर में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत संगठन
मुसाफिरखाना। तहसील में अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के चलते मंगलवार को न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप रहा। वकीलों के न्यायिक कार्य बहिष्कार के कारण किसी भी अदालत में वादों की सुनवाई नहीं हो सकी। ऐसे में दूरदराज से पहुंचे वादकारियों को बिना सुनवाई अगली तारीख लेकर लौटना पड़ा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने एसडीएम की कार्यशैली के विरोध में तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। वकीलों की नाराजगी के चलते 30 दिसंबर से तहसील न्यायालयों का कामकाज लगातार ठप है। इसका सीधा असर वादकारियों पर पड़ रहा है, जो महीनों से न्याय के लिए चक्कर लगाने को मजबूर हैं। मंगलवार को अधिवक्ताओं की प्रस्तावित बैठक शोक के कारण निरस्त कर दी गई।
अधिवक्ता रमेश भारती के पुत्र और अधिवक्ता उमाशंकर तिवारी के पिता के निधन पर वकीलों ने शोक व्यक्त किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। मंगलवार को एसडीएम की अदालत में 22, एसडीएम न्यायिक की अदालत में 48, तहसीलदार की अदालत में 27 और नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना की अदालत में 32 मुकदमे सूचीबद्ध थे, जबकि नायब तहसीलदार जगदीशपुर की अदालत में कोई मामला सूचीबद्ध नहीं था। न्यायिक कार्य ठप रहने से आम जनता की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इस मौके पर सचिव राजीव कुमार तिवारी, नवनीत चौबे, इमरान, शिव कुमार शुक्ला, जगत राम पाल, विपिन शुक्ला सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।