अमेठी सिटी। मौसम ने मंगलवार सुबह अचानक करवट ली। गौरीगंज और जगदीशपुर में करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जिसके कारण कई स्थानों पर जलभराव हो गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश जगहों पर सिर्फ बूंदाबांदी हुई। जहां तेज बारिश हुई, वहां आलू, तिलहन, दलहन और सब्जी की फसलों को नुकसान की आशंका है।
अचानक तापमान में गिरावट के कारण ठंड बढ़ गई, जिससे बुजुर्गों और छोटे बच्चों को परेशानी हुई। दिनभर बादल छाए रहे। अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है।
फसलों पर मंडराया संकट, किसानों की बढ़ी चिंता
बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान रणविजय सिंह, दिनेश तिवारी, विनोद कुमार शुक्ल, रामकिशोर वर्मा आदि ने बताया कि बारिश के कारण आलू, तिलहन और दलहन संग सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इससे उपज प्रभावित हो सकती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. लाल पंकज सिंह के अनुसार ज्यादा बारिश से आलू, सरसों, चना और मटर जैसी फसलों को क्षति पहुंच सकती है। जलभराव से मिट्टी में नमी का स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे आलू की फसल सड़ सकती है और अन्य दलहनी फसलों में फफूंदी लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह तिलहन फसलों विशेषकर सरसों के पौधों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। सब्जी की फसलों को भी नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। जलभराव वाले खेतों से पानी निकालने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि इस बारिश से फसलों की उत्पादकता पर भी असर पड़ सकता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
वैवाहिक आयोजनों में भी बाधा
मंगलवार को कई स्थानों पर वैवाहिक कार्यक्रमों का आयोजन होना था, लेकिन अचानक हुई बारिश के कारण आयोजकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से लगाए गए टेंट और मंडप बारिश में भीग गए, जिससे कार्यक्रम स्थलों पर की गई सजावट और व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं। कई मैरिज हॉल और खुले स्थानों पर जलभराव हो गया, जिससे मेहमानों को आने-जाने में असुविधा हुई। बिगड़े मौसम ने कई परिवारों के लिए खुशी के अवसर को चिंताजनक बना दिया।
स्वास्थ्य का रखें विशेष ध्यान
बारिश के चलते मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या कम रही। ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार से पीड़ित रहे। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि इस मौसम में शरीर को गर्म रखना और पोषण पर ध्यान देना आवश्यक है। सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार आदि बीमारियां बढ़ेंगी। ऊनी कपड़े, पौष्टिक आहार और गुनगुने पानी का सेवन करें। साथ ही बाहर से आने पर हाथों को सैनिटाइज करें। संक्रमण से बचने के लिए अदरक, नींबू वाली चाय पिएं और स्वच्छता बनाए रखें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखें।
बारिश के बीच बिजली आपूर्ति ठप
अमेठी विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में बारिश के बीच करीब 11 बजे 33 केवी लाइन का तार टूटने से आपूर्ति बाधित हो गई। बारिश बंद होने के बाद कर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर एक बजे आपूर्ति बहाल कराई। पीठीपुर विद्युत उपकेंद्र में सुबह 10 बजे आपूर्ति बंद हो गई, जो दोपहर 1.30 बजे के बाद बहाल हो सकी। वहीं करीब 1:30 बजे फॉल्ट आने के कारण इसी उपकेंद्र का गंगौली फीडर बंद हो गया, जिससे आपूर्ति बाधित हो गई। करीब डेढ़ घंटे बाद कर्मियों ने मरम्मत कर आपूर्ति बहाल कराई। एसडीओ लालजी यादव ने बताया कि बारिश के कारण फाॅल्ट आने से आपूर्ति बाधित हो गई थी।