मुसाफिरखाना तहसील में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत संगठन
मुसाफिरखाना। तहसील में अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के चलते मंगलवार को भी न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। एसडीएम की अदालत में 30 मुकदमे सूचीबद्ध थे। मामलों की सुनवाई नहीं होने से वादकारी निराश होकर अगली तारीख लेकर लौट गए।
एसडीएम न्यायिक की अदालत में 90, तहसीलदार की अदालत में 31, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना की अदालत में 18 और नायब तहसीलदार जगदीशपुर की अदालत में 34 वाद तय थे। अधिवक्ताओं के असहयोग के कारण इन अदालतों में सुनवाई नहीं हो सकी।
हालांकि सीओ चकबंदी की अदालत में लगे 68 मुकदमों की सुनवाई हुई। 30 दिसंबर से एसडीएम के विरोध में चल रहे कार्य बहिष्कार के कारण न्यायिक प्रक्रिया बाधित बनी हुई है। वादकारियों को निराश होकर लौटना पड़ा।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर और मुख्य द्वार पर नारेबाजी की। प्रदर्शन में ऋषभ पांडेय, सत्यम शुक्ला, अतुल श्रीवास्तव, बलदेव सिंह, प्रभाकर सिंह, भास्कर चौबे और बार सचिव राजीव तिवारी आदि शामिल रहे।
अधिवक्ताओं ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और कार्य बहिष्कार समाप्त नहीं होगा।