अमेठी सिटी। बाहर की दवाएं लिखे जाने को लेकर अमर उजाला की ओर से चलाए गए अभियान के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी व इमरजेंसी में बैठने वाले चिकित्सकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल सहित सीएचसी पर अफसरों के साथ गठित टीम बाहर की दवाएं लिखे जाने की निगरानी करेगी।
बीते दिनों अभियान के दौरान चिकित्सकों द्वारा लिखी गईं अस्पताल के बाहर की दवाओं को लेकर नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा अफसर स्वयं कंट्रोल रूम से निगरानी करेंगे। शनिवार को अफसरों ने जिला अस्पताल सहित कई सीएचसी की ओपीडी का औचक निरीक्षण किया। चिकित्सकों को बाहर की दवाएं न लिखने के लिए सख्त हिदायत दी।
सरकारी अस्पतालों में करोड़ों रुपये दवा पर खर्च किए जाते हैं। बावजूद इसके ज्यादातर डॉक्टर सरकारी दवाएं न लिखकर बाहर की दवा लिखते हैं। मरीजों को बाहरी मेडिकल स्टोरों से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। इस मुद्दे पर अभियान चलाकर अमर उजाला में खबर प्रकाशित की गई।
शनिवार को सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने जामों, सीएमएस बद्री प्रसाद अग्रवाल ने जिला अस्पताल, एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद व डॉ. पीके उपाध्याय ने जगदीशपुर ट्रॉमा सेंटर व सीएचसी व डॉ. पीयूष गोयल और डॉ. एनके मिश्र ने सीएचसी फुरसतगंज का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान ओपीडी व अस्पताल में भर्ती मरीजों के परचे देखे और बाहर की दवाओं के लिखने के संबंध में जानकारी की। मरीजों ने बताया कि अंदर से ही दवाएं मिल गई हैं। कुछ दवाएं उन्हें प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से सस्ती दर पर मिलीं हैं।
10 चिकित्सकों को नोटिस जारी कर मांगी गई रिपोर्ट
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि बाहर की दवाएं लिखे जाने पर रोक लगाने के लिए एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद, डॉ. पीके उपाध्याय, डॉ. पीयूष गोयल की टीम बनाई गई है। यह टीम सीएचसी व पीएचसी का निरीक्षण कर रिपोर्ट देगी। वहीं जिला अस्पताल में वह और सीएमएस समय-समय पर निरीक्षण करेंगे। बताया कि पूर्व में बाहर की दवाएं लिखने के मामले में जिला अस्पताल सहित 10 चिकित्सकों को नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब की गई है।
बाहरी लोगों के खिलाफ होगी कार्रवाई
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि बाहर से दवा लिखने के मामले में डॉ. हनुमान प्रसाद, डॉ. पीताबंर कनौजिया, डॉ. बीबी सिंह आदि को नोटिस जारी किया गया है। बताया कि बिना कारण अस्पताल में जमे रहने वाले बाहरी लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।