गौरीगंज (अमेठी)। नगरीय निकाय परिक्षेत्र को स्वच्छ व विकसित करने के लिए डीएम ने कैंप कार्यालय में बैठक की। बैठक में विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। डीएम ने 14वें वित्त आयोग के मद में आवंटित राशि का उपभोग कर नगरीय क्षेत्र में आवश्यक सुविधा मुहैया कराने व परिक्षेत्र को साफ-सुथरा तथा अतिक्रमण मुक्त बनाने का निर्देश दिया।
नगर पालिका परिषद गौरीगंज व जायस तथा नगर पंचायत अमेठी व मुसाफिरखाना को मूलभूत सुविधाओं से लैस कर आदर्श बनाने की कोशिश में जुटे डीएम अरुण कुमार ने कैंप कार्यालय में निकाय के विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण, सामुदायिक प्रसाधन व अन्य विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों को फटकार लगाई।
बैठक के दौरान डीएम ने सभी अधिशाषी अधिकारी को 14वें वित्त आयोग से आवंटित धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग निर्धारित मदों में करने का निर्देश देते हुए तैयार कार्य योजना के अनुरूप गुणवत्ता परक तरीके से निर्माण कार्य पूरा करने को कहा।
डीएम ने विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता व उदासीनता बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। डीएम ने ठंड के दौरान निर्धारित स्थानों पर अलाव जलाने, रैन बसेरे का संचालन बेहतर ढंग से करते हुए परिक्षेत्र की नालियों-सड़कों की नियमित सफाई कराने, अवैध अतिक्रमण को हटाने तथा अभियान संचालित कर शहरी क्षेत्र को पॉलीथिन प्रयोग से मुक्त बनाने का निर्देश दिया।
डीएम ने पॉलीथिन का प्रयोग करने व बिक्री करने वालों पर कार्रवाई करते हुए नगरीय क्षेत्र को मूलभूत सुविधाओं से लैस कर स्वच्छ, सुंदर व आदर्श बनाने का निर्देश दिया है। बैठक में एडीएम सुशील प्रताप सिंह, ईओ गौरीगंज सुजीत कुमार व ईओ जायस प्रियंका मिश्रा समेत सभी जिम्मेदार मौजूद रहे।
51 अफसरों के पास 168 जन शिकायतें लंबित
गौरीगंज (अमेठी)। जन शिकायतों का समय से निस्तारण हो सके इसके लिए एडीएम ने पोर्टल पर संदर्भित शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान 51 अफसरों के स्तर पर 168 शिकायतें लंबित मिलीं। लंबित शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अफसरों को पत्र जारी कर किया गया है।
दैनिक अनुश्रवण प्रणाली पोर्टल पर समयबद्ध शिकायतों का निस्तारण कर जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान दिलाने की कवायद तेज हो गई है। कवायद सफल हो सके इसके लिए एडीएम सुरेश प्रताप सिंह ने पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान विभिन्न अफसरों की ओर से संदर्भित 168 शिकायतें समय बाद भी 51 अफसरों के स्तर पर लंबित मिलीं।
शिकायतें अनिस्तारित देख एडीएम ने संबंधित सभी अधिकारियों को शिकायतों के संदर्भ के साथ पत्र जारी किया है। पत्र में पोर्टल पर लंबित शिकायतों का त्वरित गुणवत्ता परक ढंग से निस्तारण करते हुए शिकायतकर्ता से संतुष्टि प्रमाण पत्र प्राप्त कर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है।
एडीएम ने शिकायतें लंबित रहने तथा शिकायतकर्ता के संतुष्ट नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। एडीएम ने बताया कि जिले को लगातार जनशिकायतों के निस्तारण में प्रथम स्थान मिल रहा है। जनवरी माह में भी प्रथम स्थान दिलाने के साथ समय से शिकायतों के निस्तारण के लिए नियमित समीक्षा की जा रही है।