अमेठी। उर्वरक की कालाबाजारी और अधिक दाम वसूलने की शिकायत पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि ज्यादा रेट पर खाद बेची तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की समस्या को ध्यान में रखते हुए अमर उजाला में मंगलवार के अंक में दुकानदार महंगे दामों पर बेच रहे यूरिया, लुट रहे किसान शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई, जिसका कृषि विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया। विभाग के अनुसार यूरिया, डीएपी, एनपीके जैसी उर्वरक केवल बोरी पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर ही बेची जाएगी। किसी भी विक्रेता को अतिरिक्त शुल्क वसूलने की छूट नहीं है। विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि उर्वरक की बिक्री केवल पीओएस मशीन के माध्यम से की जाए। आधारकार्ड व जोत बही दिखाने पर ही किसान को उर्वरक मिले। साथ ही किसानों को चालान परची भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
जिला कृषि अधिकारी राजेश यादव ने बताया कि जनपद में उर्वरक विक्रेताओं की नियमित जांच की जा रही है। यदि किसी दुकान से ओवररेटिंग या अन्य गड़बड़ी की शिकायत मिली तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी दुकानदार की ओर से अधिक मूल्य मांगे जाने पर इसकी सूचना तत्काल दें।
किसानों को सलाह
- उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड और जोतबही रखें।
-एमआरपी से अधिक राशि न दें।
- पीओएस मशीन की परची जरूर लें।
- गड़बड़ी दिखे तो तुरंत शिकायत करें।