भादर। ब्लॉक के एक शिक्षक पर ग्राम पंचायत की बेशकीमती भूमि का फर्जी एससी परमिशन बनाकर बैनामा कराने का गंभीर आरोप लगा है। मामले में जिलाधिकारी संजय चौहान ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
भादर ब्लॉक के विशुनदासपुर मजरे संसारीपुर गांव निवासी प्रहलादी पुत्र हिम्मत और गेना देवी को वर्ष 2014-15 में ग्राम पंचायत की ओर से 0.089 हेक्टेयर भूमि का कृषि आवंटन मिला था। आरोप है कि कुछ दिन बाद एक स्कूल में तैनात शिक्षक ने तत्कालीन जिलाधिकारी अरुण कुमार के नाम से फर्जी एससी परमिशन तैयार कर भूमि का बैनामा अपने नाम करा लिया। बाद में इस भूमि को रायपुर रामगंज निवासी रामशरण मौर्य को बैनामा कर दिया गया। ग्रामीण राजेश मौर्य ने बताया कि 12 फरवरी को जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी कार्यालय से सूचना मांगी, जिसमें स्पष्ट किया गया कि इस प्रकरण में कोई एससी परमिशन जारी नहीं हुई थी।
बैनामा में दिखाया गया वाद संख्या दरअसल जगदीशपुर थाने का था, जिसमें गुंडा एक्ट का मुकदमा था और उसका निर्णय वर्ष 2024 में हो चुका था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शिक्षक की माता उस समय ग्राम प्रधान थीं। सुनियोजित तरीके से पहले पट्टा कराया गया और फिर फर्जी परमिशन के आधार पर भूमि का बैनामा किया गया। इसके बाद शिक्षक ने मोटी रकम लेकर भूमि बेच दी।
ग्राम प्रधान रीता देवी ने कहा कि धोखाधड़ी करके सरकारी जमीन को भूमाफिया ने अपने साथियों के नाम कर बेच दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो गांव में प्रदर्शन और एसडीएम व डीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा। डीएम संजय चौहान ने बताया कि मामला शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में प्रकाश में आया है। पूरे मामले की जांच करवाई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।