विवाहिता की मौत के बाद विलखते परिजन।
बाजार शुकुल (अमेठी)। महोना पश्चिम गांव निवासी सुनीता उर्फ मनीषा गौतम (24) की इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई। नाराज परिजनों ने मंगलवार को अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया और एक निजी चिकित्सक पर गलत इलाज का आरोप लगाया। मामला बढ़ने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सुनीता का अंतिम संस्कार कराया गया।
परिजनों के अनुसार, वर्ष 2022 में सुनीता को पेट दर्द की शिकायत पर गांव के ही एक निजी क्लिनिक में दिखाया गया। इलाज के दौरान डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसके पैर में गंभीर संक्रमण हो गया। इलाज लगातार तीन वर्षों से चल रहा था, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा था। बीते सोमवार को तबीयत अचानक बिगड़ने पर मनीषा की घर पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को शव घर आया तो परिजन डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। बुधवार को भीम आर्मी अयोध्या मंडल अध्यक्ष अरुण अंबेडकर सहयोगियों संग गांव पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। कई घंटे समझाने के बाद मृतका के पिता राम भवन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। थानाध्यक्ष अभिनेष कुमार ने बताया कि तहरीर मिलने पर विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।
तीन वर्षों से न्याय की मांग, नहीं हुई सुनवाई
परिजनों ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक पुलिस को कई बार प्रार्थना पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री पोर्टल और सोशल मीडिया पर भी निजी चिकित्सक के खिलाफ शिकायतें की गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सुनीता की मौत से पूरा परिवार टूट गया है। मां विमला देवी की हालत ठीक नहीं है। पिता राम भवन बेटी की तस्वीर देखकर फूट-फूटकर रो रहे थे। भाई चंदिका और सूरज, बहन मनीषा व निशा भी खुद को संभाल नहीं पा रहे थे।
जांच रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एडिशनल सीएमओ डॉ. राम प्रसाद और डॉ. पीके उपाध्याय की दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।