जगदीशपुर (अमेठी)। भाले सुल्तान शहीद स्मारक क्षेत्र के दिछौली गांव निवासी हेमराज (40) ने मंगलवार को बड़ा गांव रेलवे क्रॉसिंग के पास मालगाड़ी के सामने कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मौके पर पहुंची आरपीएफ और स्थानीय पुलिस शव को कब्जे में लेकर जांच में जुटी है।
जगदीशपुर क्षेत्र से गुजरने वाले लखनऊ-वाराणसी रेल ट्रैक पर दोपहर करीब 12:10 बजे वाराणसी से लखनऊ की ओर जा रही मालगाड़ी जब बड़ा गांव रेलवे क्रॉसिंग पार कर रही थी, तभी एक युवक अचानक ट्रेन के सामने कूद गया। लोको पायलट मान सिंह कुशवाहा ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकने का प्रयास किया, लेकिन तब तक हेमराज ट्रेन की चपेट में आ चुके थे। लोको पायलट ने पांच मिनट बाद गाड़ी को आगे बढ़ाने के बाद निहालगढ़ रेलवे स्टेशन मास्टर को मामले की सूचना दी।
स्टेशन मास्टर निहालगढ़ अमित की सूचना पर आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार और जगदीशपुर थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को हटाते हुए ट्रैक बहाल करवाया। जगदीशपुर थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि हेमराज मनोरोगी था। उसका इलाज भी चल रहा था। परिजनों ने आत्महत्या की आशंका जताई है। फिलहाल कोई तहरीर नहीं दी गई है।
परिजनों ने जताई आत्महत्या की आशंका
हेमराज की पत्नी श्रीमती ने बताया कि वह मंगलवार को अपने पति के इलाज के लिए अस्पताल गई थी। इलाज के बाद जब वह लौटी तो पाया कि हेमराज लापता हो गए थे। थोड़ी देर बाद सूचना मिली कि बड़ा गांव रेलवे क्रॉसिंग के पास एक शव पड़ा है। जब वह परिवार के साथ मौके पर पहुंचीं तो पता चला कि हेमराज ने मालगाड़ी के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हेमराज की मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी श्रीमती ने बताया कि वह सुबह आठ बजे पति को चाय देकर इलाज के लिए अस्पताल ले गई थी, लेकिन अब वह कभी वापस नहीं लौटेंगे। उनका कहना है कि हेमराज घर का कमाने वाला सदस्य था और पिछले 15 दिनों से मानसिक रूप से परेशान था। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। हेमराज की मौत के बाद बेटा कुलदीप, राम जीत व इंद्रजीत गमगीन हैं। शादीशुदा बेटी अनीता ससुराल से आने के बाद बिलख रही है।