तिलोई (अमेठी)। किसानों के लिए सिंचाई की नहर लाभदायक साबित होने के बजाय इन दिनों परेशानी का सबब बन रही है। कब माइनर की पटरी कट जाए, इसका कोई पता नहीं। 15 दिन में दूसरी शारदा सहायक खंड-28 से दौलतपुर-सिधारिया माइनर की पटरी सवितापुर के पास कट गई। पटरी कटने से किसानों की फसल जलमग्न हो गई। रात की वजह से किसानों को जानकारी नहीं हुई।
रविवार सुबह किसान खेत का नजारा देख सन्न रह गए। रात भर में करीब 90 बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। किसान तेज बहादुर, मोहम्मद निसार, नरेश कुमार, गया प्रसाद, रामफेर, माताफेर, रामकुमार, शिवकुमार, नईम खेत पहुंचे तो चारों ओर पानी देख निराश हो उठे। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी ग्राम प्रधान को दी। ग्राम प्रधान वीरेंद्र कुमार तिवारी ने मामले की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी और पटरी बांधने की कवायद में जुट गए, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण असफल रहे। कटान की सूचना देने के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे किसानों में रोष है।
किसानों के अनुसार कटान की वजह से करीब 70 बीघा गेहूं, 20 बीघा सरसों व मटर सहित अन्य फसल में पानी भरा है। किसानों का आरोप है कि मानक के अनुसार माइनरों की सिल्ट सफाई नहीं होने का खामियाजा आए दिन भुगतना पड़ रहा है। नहर में पानी छोड़ते ही कहीं पटरी कट जा रही है, तो कहीं पानी उफनाकर तबाही मचा रहा है, लेकिन जिम्मेदार मौन बने हैं।
करवाया जा रहा मरम्मत कार्य
अवर अभियंता रवि कुमार ने बताया कि माइनर पटरी करने की सूचना प्राप्त हुई है। नहर में पानी बंद करवा दिया गया है। पानी का बहाव कम होते ही पटरी बंधवा कर दुरुस्त कराई जाएगी।