अमेठी सिटी। जिले की विभिन्न बैंक शाखाओं में 10 वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़े खातों में 70.70 करोड़ रुपये अटके हुए हैं। 2.30 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के खाते लंबे समय तक लेनदेन न होने से ठप हो गए हैं। कई खातों में नॉमिनी दर्ज न होने और अनेक खाताधारकों के दिवंगत हो जाने के बाद परिजन जानकारी के अभाव में दावा तक नहीं कर सके। अब बैंक इस राशि को सही दावेदारों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान में जुट गए हैं।
बैंक अधिकारियों के मुताबिक उपभोक्ता या वारिस आधार, पैन और पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत करेंगे तो जांच के बाद राशि लौटा दी जाएगी। कई खाते ऐसे भी मिले हैं जिनमें खाताधारक खाते की जानकारी भूल गए। बैंकिंग नियमों की जानकारी सीमित होने से कई परिवार जमा धन तक पहुंच नहीं सके।
आरबीआई के निर्देश पर जिले की सभी 194 बैंक शाखाएं तीन माह का विशेष अभियान चला रही हैं। शाखाएं पत्र, फोन और संदेशों के माध्यम से उपभोक्ताओं और उनके उत्तराधिकारियों से संपर्क कर रही हैं। सूची के आधार पर निष्क्रिय खातों की पड़ताल कर उपभोक्ताओं तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया है।
एलडीएम राजीव पांडेय ने कहा कि जल्द ही शिविर आयोजित होगा। सभी बैंक अलग-अलग स्टॉल लगाएंगे। दावेदारों को खाता संख्या, पैन और आधार साथ लाना होगा। दस्तावेज जांच के बाद धन लौटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। (संवाद)