अमेठी सिटी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में दो जुलाई से विकसित भारत जी-रामजी योजना शुरू होगी। योजना के पहले चरण में 65 ग्राम पंचायतों में ग्राम वन विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक विकास खंड की पांच ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। चयनित स्थल पर सहजन, बेर या आंवला की एक ही प्रजाति के कम से कम 250 पौधे लगाए जाएंगे।
योजना का उद्देश्य गांवों में हरित आवरण बढ़ाने के साथ जैव विविधता को सशक्त बनाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। एक ग्राम वन में केवल एक ही प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे उनकी देखभाल और संरक्षण बेहतर ढंग से हो सके। विभाग ने सभी विकास खंडों को प्राथमिकता के आधार पर सहजन के पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त शेर बहादुर ने बताया कि योजना के शुभारंभ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। ग्राम पंचायतों में स्थलों का चयन लगभग पूरा हो चुका है। संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि ग्राम वन विकसित होने से गांवों में हरियाली बढ़ेगी, पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा और स्थानीय स्तर पर से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी हरित क्षेत्र विकसित करना और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है।