अमेठी सिटी। विभिन्न प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पढ़ रहे सभी 6160 बच्चों के खातों में पांच-पांच हजार रुपये भेज दिए गए हैं। वित्तीय सहायता के रूप में यह रकम भेजी गई है, ताकि पढ़ाई के लिए कॉपी-किताब, यूनिफॉर्म आदि खरीद सकें। इसके अलावा इन बच्चों की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए भी अब तक संबंधित 305 निजी स्कूलों को धनराशि पहले ही भेज दी गई थी।
आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में निर्धारित सीटों पर हर साल बच्चों का चयन कर उन्हें प्रवेश दिलाया जाता है। पिछले शैक्षिक सत्रों में चयनित हुए बच्चे अलग-अलग विद्यालयों में पढ़ रहे हैं। आरटीई के तहत इन बच्चों की फीस संबंधित स्कूलों को शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में शासन से उपलब्ध कराई जाती है, वहीं बच्चों को कॉपी-किताब, यूनिफॉर्म आदि खरीदने के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
शैक्षिक सत्र भले ही अप्रैल में शुरू होता है और कॉपी किताब, यूनिफॉर्म आदि का खर्च उसी समय करना होता है, लेकिन वित्तीय सहायता के रूप में धनराशि अब मिल रही है। वर्तमान में इस जिले के विभिन्न प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के अंतर्गत चयनित हुए 6160 बच्चे पढ़ रहे हैं।
इन्हें पांच-पांच हजार रुपये वित्तीय सहायता के रूप में भेजे गए हैं। इस तरह तीन करोड़ आठ लाख 90 हजार रुपये खातों में हस्तांतरित किए गए हैं। जिला समन्वयक प्रवीण सिंह ने बताया कि शुल्क प्रतिपूर्ति के विद्यालयों को 3.27 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि आरटीई के तहत पिछले सत्रों में चयनित हुए बच्चों को वित्तीय सहायता और स्कूलों को शुल्क प्रतिपूर्ति भेज दी गई है।