अमेठी सिटी। तिलोई, जगदीशपुर और बाजारशुकुल क्षेत्र के 40 गांवों में 16 दिन बाद भी बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है। हालात यह हैं कि कई गांवों में ग्रामीण खुद चंदा जुटाकर बिजली के खंभे लगवा रहे हैं। बिजली संकट से करीब 20 हजार आबादी प्रभावित है।
बाजारशुकुल के विराहिम बाजगढ़ गांव में सात खंभे टूटने के बाद बिजली आपूर्ति ठप हो गई। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से हाईड्रा मशीन मंगाकर खंभे लगवाए। गांव के राकेश, मंजूर, राम सुमिरन और मोहम्मद उमर ने बताया कि बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ई रिक्शा चालकों को बैटरी चार्ज कराने दूसरे गांव जाना पड़ रहा है। इनवर्टर जवाब दे चुके हैं और लोग मोमबत्ती के सहारे रात काट रहे हैं।
थौरी उपकेंद्र से जुड़े कई गांवों में बुधवार को पूरे दिन खंभे और तार लगाने का काम चलता रहा। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल संकट भी गहरा गया है और पानी के लिए जेनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। ऊर्जा निगम अधिकारियों ने दावा किया है कि बृहस्पतिवार तक अधिकांश गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
50 खंभे लगने के बाद पहुंचेगी गांवों तक बिजली
तिलोई। बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए ऊर्जा निगम के कर्मचारी देर शाम तक गांवों में मरम्मत कार्य करते रहे। पाकर गांव, पूरे महादेव, बढौना, पूरे अली और पूरे निहाल समेत कई गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। फूला, अहोरी और मोहनगंज क्षेत्र में बृहस्पतिवार से मरम्मत कार्य शुरू होगा। यहां 50 से अधिक बिजली खंभे लगाने के बाद लाइन खींची जाएगी। अधिशासी अभियंता राकेश रोशन ने बताया कि अधिकांश गांवों में आपूर्ति बहाल हो चुकी है और बाकी स्थानों पर तेजी से काम कराया जा रहा है।